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घर पहुंचेगी एफआईआर की कॉपी

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घर पहुंचेगी एफआईआर की कॉपी
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पडरौना। जिले के थानों पर मुकदमा दर्ज कराने के बाद पीड़ित को एफआईआर की कॉपी लेने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। तत्काल एफआईआर की कॉपी मुहैया करा पाने में नाकाम पुलिस बाद में उसे पीड़ित के घर पहुंचाएगी। पीड़ित या उसके मददगार के व्हाट्सएप नंबर पर पीडीएफ के रूप में भी पुलिस एफआईआर की कॉपी उपलब्ध करा सकेगी। यह व्यवस्था डीआईजी रेंज जे रविंद्र गोंड के निर्देश पर शनिवार से शुरू हुई है। एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि शनिवार से नई व्यवस्था शुरू करा दी गई है।
किसी मामले में पीड़ित की ओर से तहरीर देने पर पुलिस थानों में मुकदमा दर्ज करती है। तहरीर लेकर पुलिसकर्मी रख लेते हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद दूसरे दिन एफआईआर की कॉपी लेने के लिए पीड़ित को थाने में बुलाया जाता है। इससे पीड़ित व्यक्ति को कई थाने के चक्कर लगाने पड़ जाते हैं। इससे वे परेशान होते हैं। कई बार मुकदमा दर्ज करने में जानबूझकर लापरवाही भी की जाती है। ऐसे प्रकरणों की शिकायत सामने आने पर डीआईजी जे रविंद्र गोंड ने कुशीनगर सहित रेंज के सभी चारों जिले में एफआईआर की कॉपी पीड़ित के घर पहुंचाने के निर्देश पुलिसकर्मियों को दिए हैं। इसके अलावा एफआईआर का पीडीएफ बनाकर पीड़ित या उसके परिचित के मोबाइल नंबर पर पुलिस व्हाट्सएप से भेज देगी।
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डीआईजी के निर्देश के अनुसार, यदि तत्काल एफआईआर की कॉपी नहीं दी जा रही है तो उसे पीड़ित के घर पहुंचाने की व्यवस्था थानाध्यक्ष करेंगे। मुकदमा दर्ज होने के बाद उसकी कॉपी क्षेत्र के बीट पुलिस अधिकारी, हल्का में पेट्रोलिंग करने वाली पुलिस टीम और हॉक दस्ता से पीड़ित के घर भेजी जाएगी। इससे पीड़ित को बार-बार थाने नहीं जाना पड़ेगा। उसे घर बैठे मुकदमे की कॉपी मिल जाएगी।
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डीआईजी के निर्देश पर यह व्यवस्था शनिवार की शाम से लागू कर दी गई है। सभी थानेदारों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। इस लिए मुकदमा दर्ज कराने वाले पीड़ित व्यक्तियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
- धवल जायसवाल, एसपी कुशीनगर
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