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Kushinagar News: सीएचसी परिसर में मारपीट, नाराज लोगों ने किया हंगामा, एक घंटे ठप रही ओपीडी

Thu, 03 Aug 2023 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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फोटो है।
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कार का टूटा शीशा, सीएचसी अधीक्षक के आवास से युवक को ले गई पुलिस
ओपीडी बंद होने से बैरंग लौटे मरीज, लेन-देन बताई जा रही विवाद की वजह
संवाद न्यूज एजेंसी
रामकोला। सीएचसी में दो युवकों के बीच बुधवार को दोपहर में मारपीट हो गई। उसके बाद एक पक्ष से पहुंचे लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। इसकी वजह से एक घंटे तक ओपीडी में इलाज ठप रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने नाराज लोगों को शांत कराया। अधीक्षक के आवास में छिपे युवक को पुलिस हिरासत में लेकर थाने चली गई।
बताया जा रहा है कि रामकोला थाना क्षेत्र के सपहां गांव का रहने वाला करन यादव सीएचसी अधीक्षक का करीबी है। इनके पास अक्सर आता है। आरोप है कि उसने नगर के मनीष तिवारी से एक लाख रुपये नौकरी लगाने के नाम पर लिया था। मनीष दोपहर में करीब 12:30 बजे अपने रुपये मांगने सीएचसी पर पहुंचे। इसे लेकर करन और मनीष के बीच मारपीट हो गई। इसमें करन के कार का शीशा टूट गया।
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इस दौरान मनीष की हथेली फट गई। खून बहते देखकर नगर के युवक पहुंचे और सीएचसी पर हंगामा करने लगे। करन अधीक्षक केे आवास में जाकर छिप गया। नाराज लोगों ने अधीक्षक को खरी-खोटी सुनाते हुए ओपीडी में इलाज बंद करा दिया। आधे घंटा बाद पहुंची पुलिस ने हंगामा शांत कराया। इसके बाद घायल मनीष का इलाज शुरू हुआ।
लोगों का आरोप है कि करन रामकोला सीएचसी के अधीक्षक का करीबी है। साथ में रहता है और लोगों से नौकरी के नाम पर रकम वसूलता है। काम नहीं होने पर कई बार रुपये की मांग की गई, लेकिन करन रुपये नहीं दे रहा है। इसलिए आज विवाद हुआ है।ओपीडी ठप होने के कारण 100 से अधिक मरीजों को बिना इलाज कराए लौटना पड़ा।
करन का कहना है कि मनीष से रुपये का लेन-देन होता है। नौकरी लगाने के लिए रुपये नहीं लिया हूं। वह आकर अचानक कार का शीशा तोड़ने लगा। इसी से उनकी हथेली कट गई।
रामकोला के इंस्पेक्टर अखिलेश सिंह ने बताया कि मारपीट के दौरान कार का शीशा टूटा है। एक युवक को हिरासत में लिया गया है, लेकिन अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. एसके शर्मा ने बताया कि करन परिचित है। जिस दौरान मारपीट हुई। उस दौरान ओपीडी में मरीज देख रहा था। इसकी वजह क्या है, मुझे जानकारी नहीं है। लेकिन लोगों ने बेवजह ओपीडी बंद कराई। इससे मरीजों को परेशानी हुई।
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