-महिला प्रधान की जगह समीक्षा बैठक में पहुंचे पति और बेटे, अधूरे कार्यों को पूरा करने पर जोर
-ब्लॉक के 81 गांवों में महिला प्रधानों की संख्या 35, प्रेरणात्मक ब्लॉक बनाने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंसाछापर। आकांक्षात्मक ब्लॉक विशुनपुरा में मंगलवार को समीक्षा बैठक के दौरान डीएम रमेश रंजन नाराज हो गए। इसकी वजह 35 महिला प्रधान की जगह उनके पति और बेटे को बैठक में शामिल होना बताया जा रहा है। मातहतों को चेतावनी देते हुए बोले कि आगे से इसकी पुनरावृति नहीं होनी चाहिए। जिले के यह इकलौता ब्लॉक है, जहां 81 गांवों में 35 महिला प्रधान हैं। इसलिए इसे प्रेरणात्मक ब्लॉक बनाना है।
डीएम ने गांवों में हुए विकास कार्यों की समीक्षा की। पांच ग्राम सभा में विकास कार्यों को डिजिटल के माध्यम से देखा। डीएम ने कहा कि एक वर्ष में एनीमिया व बच्चों के कुपोषण में कमी आई है। प्रधानों के सहयोग से और बेहतर करें। हिरनही में मनरेगा पार्क व आरआरसीसी का निरीक्षण किया। 75 विभाग की समीक्षा के दौरान अधूरे कार्य को पूरा करने और कमियों में सुधार के लिए मातहतों को चेतावनी दी। बीते वर्ष एनीमिया व कुपोषण का मामला ज्यादा था। जिसमें अब कमी आई है। गांव में बन चुके स्टेडियम में योग शुरू करने और प्रशिक्षकों को मानदेय पर रखने का निर्देश दिया। सीडीओ गुंजन द्विवेदी ने कहा आकांक्षात्मक ब्लाॅक से हटाकर समग्र विकास करना है। लाभार्थी परक योजनाओं को जमीन पर उतारना हम सब की जिम्मेदारी है। विकास में शिक्षा व स्वास्थ्य अहम कड़ी है। प्रधान अपने ग्राम पंचायतों में जन जागरूकता लाए। ब्लाॅक प्रमुख विंध्यवासिनी श्रीवास्तव ने कहा विकास कार्यों पर चर्चा करते हुए कहा कि मठिया शाखा नहर बार-बार टूट जाता है। जिससे सैकड़ों एकड़ किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है। हिरनही गांव में अधूरे पड़े विकास कार्यों को जल्द पूरा करने पर डीएम ने जोर दिया। डीएम ने कहा कि महिला प्रधान का बैठकों में होना जरूरी है,ताकि योजनाओं की जानकारी उन्हें हो सके और गांव के विकास में उनकी मुख्य भूमिका हो। दौरान पीडी जगदीश त्रिपाठी, डीडीओ कल्पना मिश्रा, डीसी मनरेगा राकेश कुमार, डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी, सीडीपीओ पूजा रानी,एडीओ पंचायत भगवंत प्रसाद मौजूद रहे।