कसया। तहसील क्षेत्र बुद्ध नगरी में बने कर्बला के कुछ हिस्से का निर्माण हुआ था। इसकी शिकायत विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष प्रियेश पाठक ने की थी। एसडीएम के निर्देश पर राजस्वकर्मियों ने पैमाइश की तो सरकारी जमीन पर कब्जा होने की पुष्टि हुई। टीम ने निशान लगाकर कर्बला पक्ष के लोगों को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। बावजूद अभी तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इससे नाराज हिंदूवादी नेता अपने आवास के बाहर सोमवार को अनशन पर बैठ गए। प्रशासन पर अतिक्रमण हटाने के मामले में लापरवाही का आरोप लगाया है। आरोप है कि शिकायत के बाद से सोशल मीडिया पर धमकी मिली है।
विश्व हिंदू परिषद गोरक्ष प्रांत के जिला उपाध्यक्ष प्रियेश पाठक का कहना है कि गोरखपुर मार्ग पर स्थित कर्बला स्थल पर अतिक्रमण कर निर्माण कर लिया गया है, जिससे सड़क संकरी हो गई है और आवागमन में परेशानी हो रही है। उनका आरोप है कि इससे आए दिन जाम की स्थिति और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने बताया कि करीब एक माह पूर्व उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद कसया एसडीएम ने राजस्व टीम गठित कर भूमि की पैमाइश कराई। पैमाइश के दौरान कर्बला के पास कब्जा किए गए जमीन को चिन्हित किया गया, लेकिन अब तक हटाने की कार्रवाई नहीं हुई है। प्रियेश ने यह भी आरोप लगाया कि कर्बला के समीप खुले में मांस काटकर बेचा जा रहा है, जिससे गंदगी फैल रही है। उनका कहना है कि संबंधित विभागों को अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जब तक अतिक्रमण नहीं हटेगा और धमकी देने वालों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक गोरखपुर मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कर सड़क का सुंदरीकरण नहीं कराया जाता, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। देर शाम तक अनशन जारी रहा।