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वैश्विक चुनौती का सामना करने के लिए किसानों को अपनानी होगी वैज्ञानिक तकनीकी : सांसद

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अंतरराष्ट्रीय मृदा दिवस पर कॉलेज पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोग। - फोटो : KUSHINAGAR
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वैश्विक चुनौती का सामना करने के लिए किसानों को अपनानी होगी वैज्ञानिक तकनीकी : सांसद
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विश्व मृदा दिवस के मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया परिसर में आयोजित हुई किसान गोष्ठी
तमकुहीरोड। किसान उन्नतशील बीजों के साथ वैज्ञानिक तकनीकी से खेती कर आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार निरंतर किसान हित में कार्य करते हुए जैविक खेती को बढ़ावा देने में लगी है। इसके लिए देश के वैज्ञानिक हर दिन नई-नई तकनीकी विकसित कर रहे हैं। इसका इस्तेमाल कर किसान फसलों की उत्पादन लागत को कम करने के साथ ही पैदावार भी बढ़ा सकते हैं।
ये बातें कुशीनगर सांसद विजय कुमार दुबे ने की। वे सोमवार को विश्व मृदा दिवस पर कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया सेवरही में आयोजित जिला स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी एवं किसान मेला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा की चुनौती का सामना करने के लिए किसानों को परंपरागत खेती की जगह वैज्ञानिक तकनीकी पर आधारित खेती अपनानी होगी। देश खाद्यान्न, सब्जी, तिलहन और दलहन के क्षेत्र में विकास कर आत्मनिर्भर बन सकता है।
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गोष्ठी को डीएम रमेश रंजन, सीडीओ गुंजन द्विवेदी आदि उत्तर प्रदेश गन्ना किसान संस्थान एवं प्रशिक्षण केंद्र पिपराइच के सहायक निदेशक ओपी गुप्ता, उप निदेशक आशीष कुमार,जिला कृषि अधिकारी बीआर मौर्य, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. अशोक कुमार राय,भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेमचंद्र मिश्र, डॉ. विकास सिंह, केंद्र सरकार के पूर्व कृषि निदेशक प्रमोद कुमार दीक्षित, डॉ. विनय मिश्र, संध्या पटेल, लालजी कुशवाहा और दीपमाला देवी आदि ने संबोधित कर किसानों को शासन की तरफ से मिलने वाली योजनाओं की जानकारी दी। इसके बाद अतिथियों ने मेले में लगे उत्तर प्रदेश गन्ना किसान संस्थान व प्रशिक्षण केंद्र पिपराइच, गन्ना शोध व प्रजनन संस्थान सेवरही, उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण विभाग, बाल विकास विभाग, कृषि रक्षा इकाई, वन विभाग समेत 23 संस्थाओं की तरफ से लगी प्रदर्शनी का निरीक्षण किया।
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इस दौरान तमकुहीराज के एसडीएम व्यास नारायण उमराव, पारसनाथ सिंह, डॉ. अजय कुमार, नन्हें तिवारी, गोविंद किशोर शाही, जयप्रकाश मणि, अभय राय, ध्रुव निषाद, चंद्रप्रकाश चमन, रामायन सिंह, डॉ. वाईपी भारती, डॉ. केके साहू और डॉ. केपी सिंह आदि मौजूद रहे।
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