पडरौना। सरकार ने इस वर्ष किसानों से गेहूं खरीद के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। खरीद से पहले किसानों को खाद्य विपणन विभाग के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद किसान अपना गेहूं किसी भी सेंटर पर बेचने के लिए स्वतंत्रत होंगे। जो किसान रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाएंगे उनका क्रय केंद्र पर भी रजिस्ट्रेशन कराने की सुविधा होगी। बाजार मूल्य की अपेक्षा इस बार समर्थन मूल्य अधिक होने के कारण किसानों में क्रय खरीद पर गेहूं बेचने के लिए उत्साहित हैं। प्रदेश का लक्ष्य निर्धारित होने के बाद अब जिले का लक्ष्य निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
मूल्य संवर्धन योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में गेहूं खरीद का लक्ष्य 50 लाख मीट्रिक टन निर्धारित कर दिया गया है। इसके बाद भी अगर क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक अधिक होती है तो लक्ष्य से अधिक गेहूं खरीदा जा सकता है। इस विपणन वर्ष में गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1735 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित हुआ है, जबकि बाजार में अभी गेहूं का रेट 1500 सौ रुपये से लेकर 1600 रुपये तक है। इसलिए इस बार सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों की भीड़ लगने की भी उम्मीद जताई जा रही है। इसको लेकर प्रशासन ने भी अभी तैयारियां शुरू कर दी हैं। डिप्टी आरएमओ निश्चल आनंद ने बताया कि शासन की गाइड लाइन के बाद अब जिला स्तरीय लक्ष्य तय करने के लिए प्रक्रिया चल रही है। दो तीन दिन में लक्ष्य निर्धारित कर दिया जाएगा। एक अप्रैल से खरीद शुरू कराने के लिए बाकी तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। किसान क्रय केंद्रों पर गेहूं लाने से पहले खाद्य विभाग के पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करा लें।
क्रय केंद्रों पर गेेहूं बेंचने के लिए किसानों को खाद्य विभाग के पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए वे सहज जन सेवा केंद्र या साइबर कैफे की मदद ले सकते हैं। यदि किसी किसान का पंजीकरण नहीं हुआ है तो भी उसे क्रय केंद्र वापस नहीं किया जाएगा। बल्कि क्रय केंद्र पर मौजूद कर्मचारी उसका पंजीकरण कराकर गेहूं खरीदने का निर्देश है। डिप्टी आरएमओ होंगे अपर खरीद अधिकारी
जिला स्तर पर अपर जिलाधिकारी पदेन खरीद अधिकारी होते हैं। खाद्य विपणन विभाग इसके लिए नोडल एजेंसी होती है। इसलिए डिप्टी आरएमओ ही प्रशासनिक कार्य देखते हैं। परंतु इस बार अपर जिला खरीद अधिकारी का नया पद सृजित किया गया है। एडीएम कृष्ण लाल तिवारी जिला खरीद अधिकारी तथा डिप्टी आरएमओ निश्चल आनंद अपर जिला खरीद अधिकारी बनाए गए हैं।
नजदीक होगा क्रय केंद्र
शासन की तरफ से सभी खरीद एजेंसियों को गेहूं खरीद का ब्योरा एनआईसी व भारतीय खाद्य निगम की तरफ से तैयार किए गए पोर्टल पर ऑनलाइन भरना होगा। पंजीकरण के लिए किसानों को खेत से संबंधित अभिलेख, आधारकार्ड, बैंक एकाउंट का पासबुक, आईएफएससी कोड साथ में लेकर जाना होगा। संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को इस बारे में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
प्रत्येक क्रय केंद्र पर दो इलेक्ट्रॉनिक कांटा, एक नमी मापक यंत्र, डिनोइंग फैन एवं डबल जाली का छलना अनिवार्य रूप से रखा जाएगा। इसकी व्यवस्था मंडी परिषद की तरफ से की जाएगी। प्रत्येक क्रय केंद्र पर गेहूं का एक मानक नमूना भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा किसानों के लिए पानी की व्यवस्था, बाल्टी, लोटा, गिलास, मिट्टी के मटके आदि रखना होगा। किसानों के बैठने के लिए तख्त, दरी या कुर्सी।