पिपरा बाजार। विशुनपुरा ब्लाक की सहकारी समिति सरपतही खुर्द से ढोरही, सरपतही, खजुरिया, जड़हां, मिठहां, खजुरिया, पिपरा, पटेरा, चितहां, रामनगर आदि गांव जुड़े हुए हैं।
इन गांवों के लोग खाद-बीज के लिए इसी समिति पर निर्भर हैं। समिति में अक्सर ताला बंद रहता है। पिपरा के लतीफ अंसारी का कहना है कि क्षेत्र के किसी भी समिति पर खाद उपलब्ध होने की सूचना मिल रही है तो सुबह ही किसान पहुंच जा रहे हैं।
सरपतही खुर्द समिति में खाद नहीं है और ताला बंद है। खजुरिया के राजकुमार पांडेय का कहना है की खाद के लिए किसान भटक रहे हैं।
कुछ किसानों को समितियों का चक्कर लगाने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है। खेत तैयार है, खाद के अभाव में रबी बोआई प्रभावित हो रही है। मिठहां माफी गांव के पप्पू भी कई दिनों से खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि समिति ताला बंद।विरती निवासी संतोष यादव का कहना है कि खाद न मिलने से बोआई बाधित हो गई है। यही स्थिति रही इस बार गेहूं की खेती ठीक से नहीं हो पाएगी तथा उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।
समिति के अध्यक्ष मुरारी तिवारी ने बताया कि सचिव निलंबित होने से समिति में ताला बंद है। जल्द दूसरा सचिव तैनात होगा।
दस ग्राम पंचायतों के किसान खाद के लिए परेशान : मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक के किसान सहकारी समिति बबुईया हरपुर पर पिछले आठ महीने से खाद नहीं आने से किसान परेशान है। हमेशा इस समिति पर ताला लटका रहता है। किसान बाजारों से खाद और बीज खरीदने को विवश है, लेकिन उनका कोई सुनने वाला नहीं है। कुछ दिन पहले किसानों ने प्रर्दशन भी किए थे लेकिन इसके बाद भी समिति पर खाद नहीं मिल सका है।
लोगो का कहना है कि गबन के कारण इस समिति का चार्ज लेने को कोई तैयार नहीं है। इस समिति के क्षेत्र के दस ग्राम पंचायतों के किसान आते है, जो काफी परेशान है।