खड्डा। गंडक नदी पार के किसानों के गन्ने का तौल गड़ौरा चीनी मिल की तरफ से सोहगीबरवा गांव में लगाए गए गन्ना क्रय केन्द्र से होता है। इस तौल केंद्र पर वर्तमान में समय से गन्ने का तौल और उठान नहीं हो रहा है। इसकी वजह से वहां गन्ना लेकर गए क्षेत्र के किसानों को ठंड में रातभर परेशान होना पड़ रहा है। हालत यह है कि गन्ना किसानों को क्रय केंद्र पर छह से सात दिन तक गन्ना तौल कराने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
गंडक नदी के बाएं तरफ बसे जनपद के खड्डा व महराजगंज के निचलौल ब्लॉक क्षेत्र के गन्ना किसानों का गन्ना खड्डा परिक्षेत्र के अधीन आता है। केन यूनियन खड्डा के जनप्रतिनिधियों व किसानों ने शुरू से ही जेएचबी गड़ौरा चीनी मिल को गन्ना नहीं देने की मांग करते हैं। उनका तर्क है कि मिल की तरफ से समय से गन्ना उठान व भुगतान नहीं किया जाता है। वे लोग अपना गन्ना खड्डा चीनी मिल को देना चाहते हैं।
किसानों की मांग को अनसुनी कर उच्चाधिकारियों ने उनका गन्ना गड़ौरा मिल को आवंटित कर दिया। गन्ना किसान रमेश शुक्ला, मनताब, असरफ, अनिल चौहान, कन्हैया, फूलबदन, दुर्गा भगत, रमायन, रामनरेश, शंकर, अर्जुन, दिलशेर आदि किसानों का कहना है कि इस क्रय केंद्र पर इस समय 60 से 70 ट्राली गन्ना है। चालक और किसान कड़ाके की ठंड होने के बावजूद छह से सात दिन तक गन्ना तौल कराने के लिए क्रय केंद्र पर अपनी बारी आने का इन्तजार कर रहे हैं।
मिल की तरफ से ट्रक व लोडिंग की व्यवस्था काफी लचर है। समय से गन्ना कटाई नहीं होने से खेत खाली नहीं हुए है। इस संबंध में जिला गन्ना अधिकारी हुदा सिद्दीकी ने कहा कि पहले इस तरह की समस्या थी। मिल प्रबंधन से बात कर किसानों की समस्या दूर कराई थी। अब इस तरह की समस्या नहीं है।