पकड़ियार बाजार। क्षेत्र के चखनी भूमिहारी पट्टी में करीब 80 लाख रुपये की लागत से बना बहुद्देशीय किसान कल्याण केंद्र संचालित नहीं हो पाया है। उपयोग नहीं होने से नवनिर्मित केंद्र के चारों तरफ झाड़ियां उग गई हैं। केंद्र का संचालन नहीं होने की वजह फर्नीचर का अभाव बताया जा रहा है।
किसानों को तकनीकी कृषि और व्यवसायिक खेती को बढ़ावा देने और एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सांसद विजय कुमार दूबे ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 में किसान कल्याण केंद्र के निर्माण की आधारशिला रखी गई। चखनी भूमिहारी पट्टी में कार्यदायी संस्था आरईएस यह केंद्र एक वर्ष से बन कर तैयार कर दिया। इसके निचले तल पर बीज व कीटनाशक की दुकान और कृषि यंत्र का स्टोर है, जबकि प्रथम तल पर सभागार है, जहां किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। केंद्र बनाने का उद्देश्य किसानों को एक ही छत के नीचे खेती की नई तकनीक, कृषि संबंधी समस्याओं का समाधान व आधुनिक कृषि यंत्रों को उपलब्ध कराना है। एक वर्ष से यह कृषि बहुद्देशीय भवन बन कर तैयार होने के बाद भी संचालित नहीं करा पाया है, जबकि पहले से नौरंगिया गांव में बना पुराना भवन जर्जर हो गया है। उसी जर्जर भवन में ही कृषि बीज भंडार संचालित हो रहा है। इसका भवन जर्जर होने के चलते कर्मचारियों के साथ यहां आने वाले किसानों को दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।
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किसान कल्याण केंद्र नेबुआ नौरंगिया का भवन विभाग को मिल गया है। लेकिन, उस केंद्र पर किसानों को बैठने के लिए फर्नीचर उपलब्ध नहीं हो पाया है। इसके लिए कार्यदायी संस्था को पत्र लिखा गया है। आंशिक रूप से केंद्र चल रहा है, जैसे ही फर्नीचर उपलब्ध हो जाएगा, केंद्र पूर्ण रूप से चालू हो जाएगा। -डॉ. मेनका, जिला कृषि अधिकारी, कुशीनगर।