पडरौना। कुशीनगर में हाईवे पर सक्रिय फर्जी जीएसटी गैंग पर शिकंजा कसना आवश्यक है। इससे एक से दूसरे राज्य जीएसटी चोरी कर सामान पहुंचाने पर रोक लग सकती है। हाईवे पर सक्रिय यह गैंग लाइनर की भूमिका निभाने के साथ-साथ जीएसटी अधिकारी बनकर लूटपाट करते हैं। हाल में एक स्क्रैप लदे ट्रक चालक का गोरखपुर से अगवा कर कुशीनगर में लाकर स्क्रैप बेच दिए थे। इस मामले में मुख्य सरगना समेत चार आरोपी पुलिस की पहुंच से दूर हैं। हाईवे के रास्ते सामान लेकर एक से दूसरे प्रांत जाने वाले मालवाहक हाईवे पर सक्रिय गैंग की मदद से आसानी से अपने मंजिल तक पहुंच जाते हैं। जहां से ट्रक माल लेकर चलता है। वहीं से जीएसटी पेपर बनाया जाता है, वहीं से जीएसटी चोरी का खाका तैयार कर लिया जाता है। मंजिल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी हाईवे पर सक्रिय लाइनरों की होती है। उनकी विभागीय अधिकारियों से भी सांठगांठ रहती है। वर्ष 2024 में तत्कालीन एसपी धवल जायसवाल के नेतृत्व में टीम ने दस फर्जी जीएसटी गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार किया था। बावजूद गैंग की सक्रियता कम नहीं हुई। पिछले महीने में सिवान से स्क्रैप लेकर जा रही ट्रक को जीएसटी अधिकारी बनकर गोरखपुर के गीडा के पास इस गैंग के सदस्यों ने रोका। चालक को बंधक बनाकर कुशीनगर लाए और स्क्रैप को बेच दिया था। इस मामले में कसया पुलिस ने केस दर्ज कर चार आरोपियों को जेल भेज चुकी हैं। गैंग के सरगना पंकज सिंह समेत चार की तलाश कर रही है जो पुलिस की पहुंच से दूर हैं। सूत्रों की माने तो पंकज ईंट भट्ठों पर कोयला की सप्लाई देता हैं। वह जीएसटी से जुड़ी जानकारी है। 12 ट्रक जो स्क्रैप और सरिया लदे पकड़े गए हैं। उन ट्रकों को भी यह गैंग जिला पार कराने का ठेका लिया था, लेकिन तमकुहीराज के सीओ की सक्रियता से अपने मंसूबे में यह गैंग सफल नहीं हो सका। अगर जीएसटी के जिम्मेदार हाईवे पर सक्रिय हो तो काई ऐसा दिन ही बचेगा जिस दिन जीएसटी चोरी का मामला न पकड़ा जाए।