पडरौना। गोड़रिया बाजार नहर पुलिया के पास नकली हार्पिक और फिनायल बनाने वाली फैक्ट्री का पुलिस ने शुक्रवार को भंडाफोड़ किया। नामी कंपनियों के रैपर, बोतल, होलोग्राम और पैक करने वाली मशीन बरामद की। धंधे में शामिल सरगना समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो लाख रुपये, एक चारपहिया वाहन बरामद किया है।
विशुनपुरा थाना क्षेत्र के गोड़रिया नहर पुलिया के पास नकली हार्पिक बनाने वाली फैक्ट्री काफी दिनों से नकली कागजात के दम पर गुपचुप तरीके से चल रही थी। एएसपी दक्षिणी अभिनव त्यागी ने बताया कि सरगना तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के महुआ बुजुर्ग गांव निवासी रविचंद गुप्ता, राजन सैनी, जबकि कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के सेमरा हरदो गांव निवासी पारस गुप्ता मिलकर अवैध फैक्ट्री का संचालन कर रहे थे। पुलिस की मानें तो नकली सामान बनाने वाली फैक्ट्री में घर में इस्तेमाल होने वाले सामान हार्पिक कंपनी का नकली सामान बनाकर बाजार में बेचते थे। इसके अलावा ब्रांडेड कंपनी का फिनायल भी बनाते थे। गैंग के सदस्य मशीनों की सहायता से नकली सामान तैयार कर कंपनी का नकली लोगों, स्टीकर,होलोग्राम, बोतल की डिजाइन हुबहू बनाकर बाजार में बेचते थे। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कच्चा माल कानपुर से लेकर आते थे और अलग-अलग ब्रांडेड कंपनियों के फर्जी मोनोग्राम आगरा से चोरी छिपे बनवाते थे। सामान ओरिजिनल दिखे इसके लिए हूबहू बोतल भी दिल्ली से मंगाकर मशीनों से पैक करते थे।साथियों की मदद से एक लोडर में भरकर इसकी बिक्री करते थे।
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ये हुई बरामदगी
-पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से दो लाख नगद, 50 गत्ता नकली हार्पिक, चारपहिया वाहन, दो लैपटाप, लोहे की मिक्सर मशीन, एक फिलिंग मशीन,एक सील करने वाली मशीन, एक तराजू, तीन मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज, सात फर्जी मोहरें, 21 गैलन एसिड व वाटरव एक गैलन लिक्विड थिनर, 6200 खाली नकली हार्पिक के डिब्बे बिना स्टीकर, डाल्फिन की 20 बोतल, सफेद व पीला 20 बोतल, हल्का गुलाबी रंग व फिनाइल 77 बोतल हार्पिक व 24 रैपर डाल्फिन का फिनायल बोतल व लगभग 200 रैपर नीले रंग का नकली हार्पिक व पंद्रह हजार ढक्कन लाल रंग व सफेद रंग, 720 प्लास्टिक बोतल खाली बिना ढक्कन, 720 बड़ा साइज बोतल सफेद रंग बिना ढक्कन,पांच लीटर गैलन 42 मिले हैं। जिसकी अनुमानित कीमत करीब बीस लाख रुपये बताई जा रही है।
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ऑफर देकर बेचते थे नकली हार्पिक
-जिले के अलावा बिहार तक नकली हार्पिक और फिनायल बनाने वालों का नेटवर्क फैला है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ऑफर देकर नकली हार्पिक और फिनायल कम दाम पर दुकानदारों को बेचकर अच्छा खासा मुनाफा कमाते थे। पुलिस नकली कारोबार से धन अर्जित करने का भी लेखा जोखा तैयार कर रही है।