पकवा इनार। वर्ल्ड बैंक सहायतित प्रो-पुअर पर्यटन विकास परियोजनाओं के तहत 1556 हस्त-शिल्पकारों की आंखों की निशुल्क जांच की गई। इसमें 837 हस्त-शिल्पकारों को चश्मा भी दिया गया। यह जांच बीते 29 जनवरी से शुरू हुआ था।
वर्ल्ड बैंक सहायतित प्रो-पुअर पर्यटन विकास की कुशीनगर में चल रही परियोजनाओं में हस्त-शिल्पकारों को उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए दुकानें दी जाएंगी। हस्त-शिल्पकारों का चयन और उन्हें प्रशिक्षण व टूल्स किट देने का काम भारतीय समृद्धि व कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (बेसिक्स) कर रहा है। बेसिक्स के टीम लीडर रमेश रंजन ने बताया कि 29 जनवरी में चयनित 1556 हस्त-शिल्पकारों की आंखों की निशुल्क जांच शुरू हुई थी। इसमें 1009 महिला व 547 पुरुष हस्त-शिल्पकारों की आंखों की जांच की गई है। इस दौरान डॉ. नीलेश, डॉ. रोहन, डॉ. रोहित, विजय कृष्ण तिवारी, सैय्यद आबदी, आशीष, प्रशान्त, देवेंद्र आदि मौजूद रहे।