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Kushinagar News: गन्ना किसानों को सहफसली खेती के फायदे बताए

Thu, 08 Feb 2024 03:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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तमकुहीरोड। सेवरही स्थित गन्ना अनुसंधान केंद्र में बुधवार को देवरिया व गोंडा से आए 100 किसानों को गन्ने की उपज बढ़ाने, नवीन कृषि यंत्रों के प्रयोग के साथ कीट प्रबंधन एवं संतुलित उर्वरकों के इस्तेमाल को लेकर प्रशिक्षित किया गया। गन्ना वैज्ञानिकों ने कहा कि गन्ने के साथ सहफसली की बुआई से किसानों की आय बढ़ाने में काफी मददगार साबित हो सकती है। गन्ना किसान सहफसली खेती पर विशेष ध्यान दें।
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सेवरही स्थित गन्ना अनुसंधान केंद्र पर उत्तरप्रदेश गन्ना शोध परिषद व गन्ना विकास विभाग की ओर से गन्ना किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को किया गया। इसमें देवरिया के 50 और गोंडा के 50 किसानों को मिला कर 100 किसानों को प्रशिक्षित किया गया। उन्हें नए कृषि यंत्रों के इस्तेमाल व गन्ने की उन्नतशील प्रजातियों के बारे जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें कीट प्रबंधन व संतुलित उर्वरकों के इस्तेमाल की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए केंद्र के संयुक्त निदेशक डॉ. सुभाषचंद्र सिंह ने कहा कि पूर्वांचल गन्ना बाहुल्य क्षेत्र है, जहां बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती की जाती है। यहां के किसानों को चाहिए कि गन्ने की खेती वैज्ञानिक तकनीक से करें और गन्ने के साथ सहफसली पर विशेष जोर दें। इससे गन्ने की उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अर्चना सिराड़ी ने कहा कि किसान संस्थान की ओर से स्वीकृत उन्नतशील प्रजातियों की बुआई करें। इससे पैदावार बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस दौरान कीट वैज्ञानिक डॉ. विनय मिश्र, डॉ. वाईपी भारती, डॉ. कमलकिशोर साहू, डॉ. सत्येंद्र कुमार, डॉ. कृष्णानंद आदि मौजूद रहे।
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सुधीर कुमार मिश्र
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