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घनश्याम सिंह की खुदकुशी

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देवरिया बाबू गांव में घनश्याम सिंह की मौत के बाद जांच करने पहुंचे एएसपी और डॉग स्काड टीम के सदस्य? - फोटो : KUSHINAGAR
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हर कोई रह गया अवाक, लोगों का लगा जमावड़ा
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रामकोला(कुशीनगर)। सपा के पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह के भाई घनश्याम सिंह पूर्व में जिला पंचायत सदस्य रह चुके थे। शनिवार को अचानक उनके आत्महत्या की सूचना जैसे ही लोगों को मिली, उनके घर की ओर चल पड़े। जब तक पुलिस पहुंची, वहां अच्छी-खासी भीड़ जुट चुकी थी। लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह के कयास लगा रहे थे। हालांकि उन्होंने खुदकुशी क्यों की, इसका सटीक जवाब न तो परिवार के लोगों के पास था और न ही पुलिस या गांव के किसी व्यक्ति के पास।
पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह के प्रयास से एक बार खुद घनश्याम सिंह जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए थे। जबकि एक बार उनकी पत्नी मंजू देवी जिला पंचायत सदस्य चुनी गई थीं। करीब दो साल पहले जमीन बंटवारे के बाद दोनों भाई अलग-अलग रहने लगे थे। घनश्याम सिंह देवरिया बाबू गांव में घर पर रहते थे, जबकि राधेश्याम सिंह गोरखपुर में। इनके बीच भी किसी तरह के विवाद की स्थिति नहीं रह गई थी। इसके अलावा गांव के अन्य विवादों को भी सुलह-समझौते के जरिए सुलझा लिया गया था। परिवार के सेवक कपूर ने बताया कि रात में घर पर कोई नहीं था। पत्नी नोएडा गई थीं। जबकि इकलौते बेटे कामोद सिंह गोरखपुर थे। शुक्रवार रात में भोजन कराने के बाद वह गांव में ही स्थित अपने घर चले गए थे। सुबह आए तो उनके कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला तो उसने घनश्याम सिंह की पत्नी को फोन पर सूचना दी। जब दरवाजा तोड़ा गया तो घनश्याम सिंह का खून से लथपथ शव बिस्तर पर पड़ा था। उनकी बाई कनपटी पर गोली लगी थी। सुबह जितने लोग उनके दरवाजे थे, उतनी तरह की चर्चा थीं, लेकिन इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं था कि उन्होंने खुदकुशी क्यों की?
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नेताओं ने परिजनों को बंधाया ढांढस
रामकोला। पूर्व मंत्री के भाई एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य घनश्याम सिंह के आत्महत्या की खबर सुनकर कई नेता भी उनके घर पहुंचे। उन लोगों ने घनश्याम सिंह के पुत्र व अन्य रिश्तेदारों को ढांढस बंधाया। काफी संख्या में गांव के लोग भी जुटे थे। घनश्याम सिंह के आत्महत्या की खबर सुनकर पूर्व सांसद एवं सपा नेता बालेश्वर यादव, पूर्व विधायक शंभू चौधरी, प्रधान संघ के अध्यक्ष यशवंत सिंह, सपा नेता राजेश्वर गोविंद राव, पूर्व चेयरमैन रामकोला टाउन एरिया अजय गोविंद राव, देवेंद्र प्रताप शाही सहित कई नेता उनके घर पहुंचे और घटना के बारे में लोगों से जानकारी ली। पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह शनिवार को दिल्ली में थे। बताया जा रहा है कि सूचना मिलते ही घर के लिए रवाना हो गए। पुलिस ने शाम तक शव का पोस्टमार्टम करा दिया था।
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