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Kushinagar News: नारायणी का कटान थमने लगा, फिर भी एपी बांध पर खतरा बरकरार

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अहिरौलीदान में नारायणी (गंडक) नदी का 20 दिन से जारी है कटान
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तमकुहीरोड। अहिरौलीदान क्षेत्र में नारायणी (गंडक) नदी का कटान पिछले लगभग 20 दिनों से जारी है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। नदी वर्तमान में पूर्व में बने एप्रन से सटकर बह रही है। इससे ग्रामीण चिंतित हैं। हालांकि नदी में बैक रोलिंग कम होने से कटान कम हो रहा है।

पिछले दिनों नदी में हुई बैक रोलिंग के कारण एपी बांध का एक हिस्सा कटान की चपेट में आ गया था, जिससे बांध को काफी क्षति पहुंची थी। विभाग के अभियंता लगातार बांध की निगरानी कर रहे हैं और मंगलवार को भी यह चौकसी जारी रही। अहिरौलीदान में एपी बांध के किनारे बसे नोनियापट्टी, मदरही और खैरखुटा गांव पिछले 20 दिनों से कटान के निशाने पर थे। बांध के किमी 13.500 से किमी 14.400 के बीच लगातार कटान का खतरा बना हुआ था।
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नदी का प्रवाह कभी शांत होता तो कभी अचानक बैक रोलिंग से कटान बढ़ जाता था, जिसके चलते अभियंता इस हिस्से में लगातार बचाव कार्य में जुटे रहे। हालांकि, अब नदी में बैक रोलिंग कम होने से कटान का सिलसिला थमने लगा है, जिससे ग्रामीणों ने कुछ राहत की सांस ली है। इसके बावजूद, सचिन सिंह, गोरख यादव, दीनानाथ सिंह और सीताराम निषाद जैसे ग्रामीणों का कहना है कि नदी अभी भी एप्रन से सटकर बह रही है, इसलिए कटान का खतरा पूरी तरह टला नहीं है। बाढ़ खंड विभाग किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए बंधे पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।
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मंगलवार को भी जेई रमेशधर दुबे और जेई सुनील यादव सहित अन्य अभियंता तटबंधों की निगरानी में लगे रहे। इस संबंध में एसडीओ दीपरतन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि एपी बांध का यह हिस्सा बुरी तरह कटान की चपेट में रहा है। अब स्थिति सामान्य होने लगी है, फिर भी बांध की निरंतर निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटा जा सके।
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