निजी घरों के सामने की फुटपाथ पर ठेला, खोमचे वालों को देना पड़ता है पैसा
सड़क पर भीड़ के हिसाब से देना पड़ता है पैसा, पुलिस भी धौंस जमाकर करती है वसूली
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। शहर के कसया रोड, कोतवाली रोड, रामकोला रोड, धर्मशाला रोड, मेन बाजार रोड, जटहां बाजार रोड, सुभाष चौक, तिलक चाैक समेत सभी प्रमुख मार्गों और चौराहों पर फुटपाथ बेचने के धंधे ने जोर पकड़ लिया है। यहां ठेले-खोमचे वाले अपनी दुकानें लगाते हैं। इसके एवज में उन्हें गृह स्वामियों को किराया देना पड़ता है। पुलिस भी धौंस दिखाते हुए इनसे वसूली करती है। असंगठित व्यवसायियों से दुकान लगवाने का यह नकद धंधा है। भीड़भाड़ वाली जगह पर यह और अधिक चल रहा है। ठेला व्यापारियों की मानें तो रोजाना प्रति ठेला 50 से 100 रुपये किराया के नाम पर चुकाना पड़ता है।
नगर के तिलक चौक, कोतवाली रोड, धर्मशाला रोड, जटहां रोड, रामकोला रोड, कसया रोड समेत अन्य प्रमुख सड़कों की दोनों पटरियों पर करीब एक हजार अस्थायी दुकानें रोज लग रही हैं। दोपहर बाद इन सभी प्रमुख सड़कों, चौराहाें और बाजारों में सड़कों की दोनों तरफ की पटरियाें पर अस्थायी दुकानें सज जाती हैं। जहां स्थानीय किसी व्यक्ति का दबदबा नहीं है। वहां पुलिस की मेहरबानी से इन दुकानों को जगह मिल रही है।
सड़क के किनारे जिस ठेले के पास खड़े होकर आप कुछ चटपटी चीज खा रहे हैं, वह यूं ही नहीं आया है। उसे किसी न किसी की मनुहार करनी पड़ी है। जिन स्थान पर उनका ठेला लगता है, वह नगर पालिका या पीडब्ल्यूडी या एनएच का फुटपाथ है, लेकिन उनसे किराया कोई और वसूलता है।
ठेले लगाने वालों को पुलिस या गृह स्वामियों की खिदमत करनी पड़ती है। इस तरह असंगठित व्यवसायियों के कमाने की डगर बहुत कठिन है। नगर पालिका क्षेत्र के करीब रेहड़ी, ठेली वाले सहित 800 से अधिक असंगठित व्यवसायी हैं। ये शहर की सड़क के किनारे फुटपाथ या प्रमुख चौराहों पर अपनी दुकानें लगाते हैं। इनमें से अधिकांश दुकानदारों को रोज किराए का फुटपाथ लेकर दुकानदारी चलानी पड़ती है।
नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि कोरोना काल के बाद से नगर के सरकारी भवन या सार्वजनिक स्थानों पर दुकान लगाने के लिए नगर पालिका की तरफ से किराया लेना बंद कर दिया गया, लेकिन निजी घरों के सामने की फुटपाथ पर दुकान लगाने के लिए ठेला-खोमचा वालों को किराया देना विवशता है।
फुटपाथ व्यवसायियों का हब है तिलक चौक, सुभाष चौक और बावली चौक
नगर के जटहां रोड से तिलक चौक होते हुए सुभाष चौक तक ठेला व्यवसायियों का हब बन गया है। इसके अलावा रामकोला रोड के बावली और बलोचहां चौक भी व्यावसायिक हब बन गया है। यहां सड़क की दोनों तरफ बड़े प्रतिष्ठानों के मालिक या गृह स्वामी अपने-अपने घरों के सामने फुटपाथ पर मालिकाना हक जताते हैं।
गृहस्वामियों की रजामंदी के बगैर वहां फुटपाथ पर दुकान लगाना असंगठित व्यवसायियों के लिए संभव नहीं है। नगर के धर्मशाला रोड, सुभाष चौक, कोतवाली रोड पर चाट, खोमचे, आइसक्रीम, फास्टफूड, पान, सब्जी आदि के सौ से अधिक ठेले और गुमटियां रोज पटरियों पर सजती हैं।
जिनकी दुकान पर अधिक ग्राहक होते हैं, उन्हें पुलिस की भी कुछ न कुछ सेवा करनी पड़ती है। यह रेहड़ी व्यवसायी अपनी दुकान के पीछे स्थित बड़े प्रतिष्ठानों या मकानों के मालिक को रोज आठ घंटे का 50 से 100 रुपये किराया चुकाना पड़ता है।
चाउमीन, बर्गर का ठेला लगाने वाले एक व्यापारी ने बताया कि जिनके घर के सामने ठेला लगाते हैं, उन्हें प्रतिदिन 100 रुपये देना पड़ता है। इसके अलावा पुलिस को न खुश रखो तो फुटपाथ की जमीन बताकर दुकान हटवाने की धमकी मिलती है।
छुछिया गेट, जटहां रोड, सुभाष चौक, कसेरा टोली मोड़ के आसपास फुटपाथ पर दुकान लगवाने के लिए भी कुछ लोगों की रजामंदी जरूरी है। यहां दुकानदारी के हिसाब से घर के मालिक को किराया देना पड़ता हैं। सुभाष चौक और तिलक चौक पर शाम ढलने पर स्थानीय पुलिस की धमक होती है। दुकानदार उन्हें भी खुश करके भेज देते हैं।
नगर के बेलवा चुंगी, बलोचहां रोड, जटहां रोड, कन्नौजिया वार्ड स्थित सब्जी मंडी में सड़क की एक तरफ मकानों के मालिक फुटपाथ पर सब्जी, चाट, खोमचे और अंडे आदि के ठेले लगवाने के लिए फुटकर कारोबारियों से अच्छा खासा किराया रोजाना वसूल रहे हैं तो दूसरी ओर पुलिस की मेहरबानी से रेहड़ियां सज रही हैं। रेलवे स्टेशन के आसपास भी गृह मालिकों की सरपरस्ती कम नहीं है। वहां के दुकानदार भी रुपये देकर ठेला लगाते हैं।
चाइनीज, चाट, मोमो और बर्गर की सजती हैं रोज दुकानें
असंगठित व्यवसाय के क्षेत्र में मोमो, चाउमीन, बर्गर, वेज, नानवेज रोल और चाट की दुकानें नगर के सभी प्रमुख चौराहों पर शाम होते ही लग जा रही हैं। ग्राहक बटोरने में लोगों ने यहां के कारोबारियों को पीछे छोड़ दिया है। इनसे किराएदारी के नाम पर अच्छी-खासी कमाई भी की जा रही है।
कोट
फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों से किराया वसूलने के लिए कोई भी प्राइवेट व्यक्ति अधिकृत नहीं है। नगर विस्तार के बाद असंगठित व्यवसायियों के लिए वेंडिंग जोन चिह्नित करने के लिए भूमि की तलाश की जा रही है। शीघ्र ही इन व्यवसायियों को वहां शिफ्ट कराया जाएगा।
- विनय जायसवाल, चेयरमैन, नगर पालिका परिषद, पडरौना