पडरौना(कुशीनगर)। एनएच-28 पर अहिरान मोड़ पर पुलिस और पशु तस्करों के बीच शनिवार दोपहर मुठभेड़ हो गई। पशु तस्करों ने पुलिस टीम को कुचलने का प्रयास किया। इसके बाद तस्कर वाहन से कूदकर पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने लगे। पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से तीनों तस्कर घायल हो गए। पुलिस ने तीनों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। तस्करों से तीन तमंचे भी बरामद हुए हैं। कंटेनर में ठूसकर लादे गए 32 गोवंश को पुलिस ने मुक्त कराया। मुठभेड़ की वजह से हाईवे पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।
एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली की कंटेनर से पशुओं को लेकर तस्कर बिहार जा रहे हैं। सूचना पर तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के एनएच-28 पर अहिरान मोड़ के पास शनिवार दोपहर करीब 2 बजे एएसपी रितेश कुमार सिंह, अभिनव त्यागी और सीओ सिटी अभिषेक प्रताप अजेय के नेतृत्व में पुलिस ने घेराबंदी की। कसया की ओर से कंटेनर आता हुआ दिखा, जिसे पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। तस्करों ने पुलिस टीम को कुचलने का प्रयास किया। लेकिन, पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। तस्कर कंटेनर से कूदकर पुलिस पर फायरिंग करते हुए खेतों के तरफ भागने लगे। पुलिस की जवाबी फायरिंग में तीनों बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए। गोली चलने से हाईवे से गुजरने वाले राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने तीनों तस्करों की पहचान कौशांबी जिले के मंझनपुर थाना क्षेत्र के मंझनपुर निवासी चांद उर्फ जुल्फिकार, शाहजहांपुर जिले के कांट थाना क्षेत्र के रहमतपुर गांव निवासी झब्बू उर्फ अयूब और आरिफ के रूप में हुई। तीनों घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। कंटेनर में 32 बैल ठूस कर लादे गए थे। इसमें दबने से कई चोटिल हो गए थे। इसमें चार गायें भी हैं। तस्करों के पास से तीन तमंचे और कारतूस पुलिस ने बरामद किया है।
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आरोपी चांद उर्फ जुल्फिकार पर दर्ज हैं छह केस
-तरयासुजान, हाटा, कौशांबी के मंझनपुर थाना, बांदा जिले में छह केस दर्ज हैं। झब्बू उर्फ अयूब पर भदोई जिले के थाना औराई में दर्ज केस में गैंगस्टर की कार्रवाई हुई है। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि कुशीनगर के रास्ते कई जिलों से ये लोग गोवंश की तस्करी करते हैं। मुठभेड़ में हाटा के कोतवाल राजप्रकाश सिंह, तुर्कपट्टी के थानाध्यक्ष अनिल सिंह, पटहेरवा के थानाध्यक्ष राकेश रोशन सिंह,दरोगा अनुराग शर्मा,अवनीश सिंह ने घेराबंदी की थी। तस्करों के पास से पुलिस ने जो मोबाइल फोन बरामद किया है, उसमें कई तस्करों के मोबाइल नंबर मिले हैं। उन तस्करों तक पहुंचने के लिए पुलिस मोबाइल नंबरों को ट्रेस कर रही है।