तुर्कपट्टी। तहसील प्रशासन व खनन विभाग ने हाईकोर्ट के आदेश पर क्षेत्र के महासोन गांव में स्थित जनता ईंट उद्योग को बंद करा दिया है। मौजूद अधिकारियों ने बताया कि ईंट भट्ठा मालिक ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाणपत्र नही लिया है। साथ ही खनन विभाग को रॉयल्टी भी नहीं दी गई है।
शनिवार की दोपहर तहसीलदार कसया शैलेश सिंह, खनन अधिकारी अभिषेक सिंह अपनी टीम व तुर्कपट्टी पुलिस के साथ ईंट-भट्ठे पर पहुंचे। वहां पहले से मौजूद भट्ठा मालिक अनिल कुमार मिश्र को हाईकोर्ट से मिले आदेश को दिखाया तथा आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने पंपसेट चलाकर चिमनी की आग बुझा दी। अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत अन्य सभी अनापत्ति प्रमाण पत्र दिखाए बिना किसी भी दशा में ईंट-भट्ठा का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान कानूनगो उदय प्रताप सिंह, मनोज सिंह, मुमताज अली, अशोक कन्नौजिया, मनोज कुमार राव, एसआई अशोक शुक्ल, कांस्टेबल अनुराग सिंह आदि मौजूद रहे।
-
180 ईंट-भट्ठा मालिकों के पास नहीं है प्रदूषण विभाग की एनओसी
-जिले में 235 ईंट-भट्ठे हैं। 180 ईंट-भट्ठा मालिकों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी नहीं ली है। एक ईंट-भट्ठा को बंद कराने के बाद विभागीय कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा हो रहा है। लोगों का कहना है कि बिना एनओसी के चलने वाले ईंट-भट्ठे पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? खनन अधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई हुई है। बाकी ईंट-भट्ठा मालिकों को भी चेतावनी दी गई है।