प्राथमिक विद्यालयों में पांच वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद पदोन्नति के लिए चल रही प्रक्रिया में मनमानी का आरोप लगाते हुए शिक्षकों ने बुधवार को डॉयट परिसर में धरना दिया। शिक्षकों का कहना था कि जब तक शासनादेश के अनुरूप विद्यालयों की सूची प्रकाशित नहीं होती है, उनका आंदोलन चलता रहेगा।
जिले के 104 सहायक अध्यापकों की प्रथम पदोन्नति होनी है। इसके लिए बीते 13 अक्टूबर को काउंसिलिंग हुई थी। बुधवार को पदोन्नति के लिए इन शिक्षकों से नई तैनाती के लिए स्कूलों का विकल्प लिया जाना था। डॉयट परिसर में जुटे सहायक अध्यापकों का कहना था कि शासन ने पदोन्नति के बाद तैनाती के लिए जिले के सभी रिक्त स्कूलों की सूची जारी करने का निर्देश दिया था, लेकिन सूची में कुछ ही स्कूलों का नाम था। विभागीय अफसर गलती सुधारने को तैैयार नहीं हुए तो नाराज शिक्षक धरना पर बैठ गए। इन लोगों ने पदोन्नति बाद तैनाती के लिए विकल्प भी नहीं भरा। इन शिक्षकों की अगुवाई विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिला महामंत्री राजेश शुक्ला, राजेश तिवारी व संदीप राय तथा प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधाकर शरण पांडेय व महामंत्री राजकुमार सिंह कर रहे थे। बाद में वरिष्ठ अफसरों की मौजूदगी में तय हुआ कि बृहस्पतिवार को नए सिरे से रिक्त विद्यालयों की सूची प्रकाशित कर विकल्प लिए जाएंगे। इस आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया।
इस दौरान श्रीधर पांडेय, विनोद तिवारी, सुमित तिवारी, गीता सिंह, श्वेता त्रिपाठी, रंजीता पांडेय, प्रमोद आजाद, अनिल कुमार, प्रभात चतुर्वेदी, मुरली मनोहर शुक्ला, जितेंद्र, अमित श्रीवास्तव, राजीव मिश्रा, संजय मिश्रा समेत सभी संबंधित शिक्षक मौजूद थे।