पडरौना। गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती घायल आदित्य साहनी के हालत में सुधार है। ईएमटी और एंबुलेंस चालक की ओर से की गई लापरवाही की संस्था की ओर से जांच कराई जा रही है। वहीं हरेंद्र साहनी ने सीएमओ ने प्रकरण की जांच कराकर लापरवाह ईएमटी पर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इलाज में देरी के चलते सिर में ब्लड क्लाॅटिंग हो गई, समय से कुशीनगर मेडिकल कॉलेज मरीज पहुंच गया होता तो शायद ब्लड क्लाॅटिंग नहीं होती।
बरवापट्टी थाना क्षेत्र के दशहवा गांव निवासी पुष्कर नगर निवासी आदित्य साहनी (30) और हरेंद्र चौहान की बाइक रविवार की शाम आपस में टकरा गई थी। दोनों घायलों को दुदही सीएचसी पर लेकर पहुंचे, दोनों की हालत गंभीर बताते हुए सीएचसी से कुशीनगर मेडिकल कॉलेज लिए रेफर कर दिया। हरेंद्र को ले जाने के लिए जो एंबुलेंस 108 नंबर का अलाॅट हुआ था। उसमें आदित्य को गलती से ईएमटी और एंबुलेंस चालक ने बैठा लिया। करीब दस किमी दूर आने के बाद जानकारी हुई कि उसका एंबुलेंस हरेंद्र नाम के मरीज के लिए बुक हुआ है। रास्ते से हरेंद्र को लेकर ईएमटी लौट गया। परिजन गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन वे एक नहीं सुनी। सीएचसी पर जाने के बाद उसी एंबुलेंस में हरेंद्र को भी बैठाकर कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में लेकर आया। ईएमटी और परिजनों से कहासुनी का वीडियो एंबुलेंस में मौजूद आदित्य के परिवार का सदस्य विजेंद्र साहनी ने बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसकी शिकायत भी उसने सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया से की है। विजेंद्र साहनी का आरोप है कि आदित्य का इलाज गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। यहां के डॉक्टरों ने बताया कि इलाज में देरी के कारण सिर में ब्लड क्लाॅटिंग हो गई है। समय से इलाज मिला होता तो शायद क्लाॅटिंग नहीं हुई होती। इसका ऑपरेशन कराना पड़ेगा। ईएमटी और एंबुलेंस चालक की लापरवाही से ऐसा हुआ है। वह मानवता को दरकिनार कर एक घंटे तक मरीज को एंबुलेंस में घुमाता रहा। 108 एंबुलेंस के जिला कोआर्डिनेटर रोशन यादव ने बताया कि एंबुलेंस चालक और ईएमटी की थोड़ी गलती है, लेकिन उसी ने मरीज को एंबुलेंस से कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में पहुंचया। इसकी जांच संस्था की ओर से कराई जा रही है, जबकि सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने बताया कि पीड़ित को समझा दिया गया है।