पडरौना। बीआरसी सभागार में तीन दिवसीय शिक्षकों के प्रशिक्षण के अंतिम दिन बुधवार को ड्राॅप आउट बच्चों को स्कूल लाने पर जोर दिया गया। शिक्षकों को परिषदीय स्कूलों में नामांकित व विभिन्न कारणों से बीच सत्र में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों का दाखिला कराने के बारे में जानकारी दी गई।
बीएसए डॉ. राम जियावन मौर्य ने कहा कि ऐसे बच्चे जिन्होंने दाखिला ताे लिया, लेकिन किन्हीं कारण से कभी स्कूल नहीं आए। अब नए सत्र में ऐसे बच्चों को प्राथमिकता से जोड़ने की तैयारी है। नए सत्र में इन बच्चों को नामांकित कक्षा में पढ़ रहे अन्य छात्रों के स्तर तक लाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। यदि छात्र निर्धारित अवधि के भीतर कक्षानुसार बेहतर स्तर नहीं हासिल करता है, तो विशेष प्रशिक्षण अवधि को क्रमबद्ध तरीके से बढ़ाया जा सकता है। बच्चों में हो रहे बदलाव का आकलन होगा। उन्होंने कहा कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों को शिक्षण की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए हमें शिक्षण प्रक्रिया को रोचक बनाना होगा। बीईओ सुरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि शैक्षिक सत्र 2024-25 में आउट ऑफ स्कूल बच्चों को नौ माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाना है, ताकि वह भी शिक्षा के मुख्य धारा से जुड़ सकें।
इस दौरान इंद्रजीत मणि त्रिपाठी, प्रवीण पांडेय, कुंजेश्वर सिंह, अमरदीप शुक्ल, अनूप सिंह, सुनील दुबे, श्रीनिवास शर्मा, सुनील मिश्र, अरुण कुमार, गीता चतुर्वेदी, श्वेता सिंह, प्रज्ञा पांडेय, अर्चना देवी, प्रियंका यादव, नेहा सिंह, करुणानिधि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।