पडरौना। कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को डीएम की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें स्वस्थ प्रशासनिक व्यवस्था कायम रखते हुए लंबित वादों को राजस्व संहिता के अनुरूप गुण-दोष के आधार पर निस्तारण की चर्चा की गई।
डीएम विशाल भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री की तरफ से शासकीय कार्यों के तहत सभी कोर्ट में सभी राजस्व वादों की समीक्षा की जा रही है। राजस्व वादों का शीघ्र निस्तारण शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है। इसलिए स्वस्थ प्रशासनिक व्यवस्था कायम रखते हुए लंबित वादों को राजस्व संहिता के अनुरूप गुण-दोष के आधार पर नियमित अनुश्रवण कर निस्तारण किया जाएगा। पूर्वांचल में भूमि विवाद ज्यादा देखने को मिलते हैं। इसके निस्तारण पर विशेष बल दिया जा रहा है। धारा 30,116, 34, 24 आदि वादों को समयानुसार निस्तारित किया जाएगा। इसमें अधिवक्ताओं का सहयोग अपेक्षित है।
इस दौरान अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार मिश्रा, मंत्री मृत्युंजय सिहं, सुरेश सिंह, विरेंद्र नाथ मिश्रा, गोविंद पांडेय, रविंद्र उपाध्याय आदि मौजूद रहे।