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Kushinagar News: इमरजेंसी की ईसीजी मशीन थी आलमारी में बंद, समय से जांच नहीं हुई तो दो बुजुर्गाें की हो गई मौत

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- ड्यूटी से गायब चीफ फार्मासिस्ट ने आलमारी में बंद कर दी थी ईसीजी मशीन
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- प्राचार्य के छापेमारी के दौरान हुई मरीजों की मौत, पांच घंटे मौजूद रह जूनियर डॉक्टरों से कराया इलाज
- ड्यूटी से गायब मिले चीफ फार्मासिस्ट और दो स्टाॅफ नर्स को भेजा नोटिस, तीन दिन में मांगा जवाब



पडरौना। जिला अस्पताल की इमरजेंसी शुक्रवार देर रात को दो मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कप्तानगंज के इंदरपुर निवासी गुलाइची देवी और इलाके के ही एक 60 साल के बुजुर्ग को सांस लेने में दिक्कत थी। जांच के लिए इमरजेंसी में रखा गया ईसीजी मशीन समय से नहीं मिला। दूसरी ईसीजी मशीन मंगाई गई पर, तब तक काफी देर हो चुकी थी। मशीन न मिलने के कारण दोनों मरीजों की जांच नहीं हुई। वहां मौजूद प्राचार्य डाॅ. आरके शाही ने जब ईसीजी मशीन के बारे में जानकारी हासिल की तो वह चीफ फार्मासिस्ट के आलमारी में बंद मिला। जिसकी चाबी लेकर फार्मासिस्ट ड्यूटी से अपने घर जा चुका था।

जिला अस्पताल में शुक्रवार देर रात को एक घंटे के भीतर दो मरीज ऐसे आए जिनको सांस लेने में दिक्कत थी। उनका ईसीजी कराना जरूरी था। ताकि इलाज शुरू कराया जा सके। पर, जिस फार्मासिस्ट की ड्यूटी रात में लगी थी। वह ईसीजी मशीन आलमारी में बंद कर घर चला गया। जिसके कारण जांच नहीं हो सकी। इसके अभाव में दोनों मरीजों का सही से इलाज नहीं हो सका और मौत हो गई। मेडिसिन वार्ड में जब प्राचार्य पहुंचे तो वहां पर सिर्फ एक स्टाफ नर्स ड्यूटी पर मिली, दो सिस्टर बिना किसी सूचना के ही गैरहाजिर मिलीं। प्राचार्य ने तीनों को नोटिस जारी किया है। तीनों अपना पक्ष रखने के लिए तीन दिन की मोहलत दी है।
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी में शराब के नशे में सोए शख्स का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य महकमा चौकन्ना हो गया है। शुक्रवार को दिन में निरीक्षण करने के बाद रात को भी प्राचार्य पहुंच गए। भर्ती किए गए मरीजों को खुद जाकर देखा। तीमारदारों से पूछा कि कोई बाहर से दवा तो नहीं मंगाई गई है। इलाज में होने वाली दिक्कतों की जानकारी ली। वहीं देर रात करीब 10 बजे अचानक इमरजेंसी में प्राचार्य डॉ. आरके शाही पहुंच गए। उनके ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों में खलबली मच गई। वहीं दलाल भाग खड़े हुए। इमरजेंसी में प्राचार्य पांच घंटे तक मौजूद रहे। इस दौरान जूनियर डॉक्टरों से मरीजों का इलाज कराया।
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इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के साथ इलाज में बाहरी लोगों की दखलअंदाजी की शिकायतें मिल रही थीं। रात को अचानक जांच किया गया। इस दौरान चीफ फार्मासिस्ट वीपी सिंह और स्टाॅफ नर्स राजमनी, रीता यादव ड्यृूटी से गायब थीं। ईसीजी मशीन को भी आलमारी में फार्मासिस्ट ने बंद कर रखा था। इसके चलते गंभीर मरीजों की ईसीजी जांच भी नहीं हुई। बाद में दूसरी मशीन मंगानी पड़ी। तीनों को नोटिस दिया गया है।


-डॉ. आरके शाही, प्राचार्य, जिला अस्पताल/मेडिकल कॉलेज


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