पडरौना। जिले में गोबरधन परियोजना के अंतर्गत स्थापित बायोगैस प्लांट की क्रियाशीलता को लेकर डीएम महेन्द्र सिंह तंवर ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्लांट में पाई गई सभी तकनीकी एवं कार्यात्मक कमियों को एक सप्ताह के भीतर दूर कर इसे पूर्ण रूप से संचालित किया जाए, अन्यथा नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला स्वच्छता समिति की 8 जनवरी 2026 को आयोजित बैठक में यह सामने आया कि गोबरधन परियोजना के तहत निर्मित बायोगैस प्लांट विभिन्न खामियों के चलते वर्तमान में बंद है।
इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा संबंधित फर्म को बैठक में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन फर्म का कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ।
पूर्व में गठित जांच समिति की रिपोर्ट में प्लांट में कई गंभीर तकनीकी कमियों का उल्लेख किया गया है। इनमें आउटलेट से स्लरी निकलने में अवरोध, गैस होल्डर डोम का असंतुलित होना, गैस क्लीनिंग सिस्टम का खराब रहना, पुराने जनरेटर का उपयोग और निर्धारित तय समय में कार्य पूर्ण न किया जाना प्रमुख हैं।