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Kushinagar News: दो दिन बाद भी 200 गांवों बिजली आपूर्ति बहाल नहीं

Sat, 18 May 2024 03:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। बुधवार की देर शाम को आंधी-बारिश के कारण 33 केवीए की मेन लाइन पर पेड़ टूटकर गिर गए। कई स्थानों पर बिजली के पोल और तार टूटने के अलावा कुछ स्थानों पर लगे ट्रांसफार्मर भी गिर गए थे। इससे जरार, मनिकौरा और तमकुहीरोड फीडर से जुड़े 200 से अधिक गांवों में 48 घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। लोग उमस भरी गर्मी से परेशान हैं।
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हालांकि, बिजली कर्मी बृहस्पतिवार की सुबह से ही बिजली के तार और पोल में आई खराबी को सही करने में लगे हैं, लेकिन शुक्रवार की शाम तक आई गड़बड़ी ठीक नहीं की जा सकी। एसी और एक्सईएन भी मौके पर जाकर गड़बड़ी शीघ्र ठीक करने के लिए बिजली कर्मियों को निर्देश दिए। बिजली नहीं होने के कारण भीषण गर्मी से लोग बेहाल दिखे तो शुद्ध पानी के लिए भी लोग परेशान दिखे। इन्वर्टर जवाब दे दिया है। चार्ज नहीं होने से लोगों का मोबाइल तक बैठ गया। बाजारों में पूरे दिन जनरेटर चलता रहा। ब्लॉक से लेकर अस्पताल तक लोग गर्मी से बेहाल दिखे।
मंसाछापर प्रतिनिधि के अनुसार विशुनपुरा ब्लॉक के जरार और मनिकौरा उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति करीब 70 किमी दूर राजापाकड़ बिजली घर से होती है। लंबी दूरी और घने पेड़ों से होकर गुजरी 33 केवीए का मेन लाइन का तार ने अक्सर फाल्ट की समस्याएं होती रहती है। बुधवार की रात करीब दस बजे आई तेज आंधी और हल्की बारिश के चलते कई जगह बिजली के पोल और तार उखड़ गए। बिजली के तार टूट कर गिर गए। कई जगह पेड़ की शाखाएं टूट कर बिजली के पोल और तार पर गिर गई। इसके चलते करीब 90 गांव की बिजली आपूर्ति गुल हो गई। अवर अभियंता दीपक कुमार की अगुवाई में बिजली मिस्त्री दूसरे दिन शुक्रवार को भी गिरे पेड़ों को हटाकर आपूर्ति बहाली के प्रयास में जुटे रहे।
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बिजली के गिरे पोल को ठीक किया जा रहा है। बुधवार की रात से ही बिजली आपूर्ति ठप होने से लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं। लोगों के घर में लगा इन्वर्टर जवाब दे दिया है। चार्ज नहीं होने से मोबाइल भी बैठ गया है। सुबह बच्चों को टिफिन बनाने में महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ीं। महिलाएं घर में टार्च और मोमबत्ती के सहारे किसी तरह नाश्ता बनाईं। बिजली नहीं होने से लोगों के घर में लगा आरओ भी काम नहीं किया। इसके चलते लोगों को बाजार से पानी खरीद कर पीना पड़ा।

तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार सेवरही क्षेत्र में बुधवार को रात में आई आंधी में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। सेवरही कस्बा कुछ हिस्सों में 20 घंटे बाद और महाबीर नगर में 30 घंटे बाद बिजली मिली। जबकि अभी भी क्षेत्र के 100 से अधिक गांव में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है।
सेवरही क्षेत्र में बुधवार को रात में आई आंधी ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचाया है। सेवरही कस्बा के स्वर्ण नगर, गण्डक काॅलोनी, पकड़ीयार पूरबपट्टी, सुमही संतपट्टी, कत्तौरा, राजपुर खाश, टिकुलिया, जोगनी, नरवाजोत, पिपराघाट, राजपुर बगहा, परसा उर्फ सिरसिया आदि गांवों में लगे बिजली के पोल और तार टूट गए। इसके चलते क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हालत यह है कि 48 घंटे बाद भी 200 से अधिक गांव में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। इसके चलते लोगों की परेशानी बढ़ गई है। लोगों को बिजली नहीं होने के चलते लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
सेवरही कस्बे में माल गोदाम स्थित 400 केवीए के ट्रांसफार्मर पर एक पेड़ टूट कर गिर गया था। शुक्रवार को उसे ठीक कराकर सेवरही कस्बा में दोपहर में बिजली आपूर्ति बहाल करा दी गई। जबकि महाबीर नगर में 36 घंटे बाद आपूर्ति बहाल हो सकी है। लेकिन, अब तक 100 से अधिक गांवों में अभी तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई है। सेवरही उपकेंद्र के जेई विकास कुमार साहनी ने कहा कि बुधवार की रात आई तेज आंधी के चलते बिजली निगम को काफी नुकसान पहुंचा है। टूटे बिजली के पोल व तार को सही कराने का कार्य तेज गति से कराया जा रहा है। अतिशीघ्र बिजली आपूर्ति की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जा रहा है।


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बुधवार की रात तेज आंधी के चलते कई बिजली के पोल और तार टूट गए हैं। बृहस्पतिवार की सुबह से ही बिजली कर्मी उसे सही करने में जुट गए थे। सेवरही और दुदही कस्बे के अलावा आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति कर दी गई है। सेवरही उपकेंद्र से जुड़े गांव और जरार व मनिकौरा उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के लिए बिजली कर्मी तेजी से कार्य करने में जुटे हैं। अतिशीघ्र बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। - राकेश कुमार, अधिक्षण अभियंता, कुशीनगर।
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