तीन माह से रेता क्षेत्र के गांवों में बिजली आपूर्ति ठप
खड्डा। गंडक नदी की कटान के वजह से बिजली के पोल व तार गिर जाने से नदी पार बसे कुशीनगर और महराजगंज जिले के एक दर्जन से अधिक गांवों की करीब चालीस हजार की आबादी बीते तीन माह से बिजली संकट से जूझ रही है। विद्युत निगम सर्वे कराकर क्षति का आकलन करने के बाद सप्लाई बहाल करने की बात कह रहा है।
खड्डा विद्युत उपकेंद्र से पनियहवा व सालिकपुर पुलिस चौकी के रास्ते गंडक नदी के दूसरी तरफ लगभग 40 किलोमीटर लंबी 11 हजार वोल्ट की लाइन बिछाई गई है। यह विद्युत लाइन खड्डा क्षेत्र के मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, बकुलादह आदि गांवों के अलावा पड़ोसी जिला महराजगंज के सोहगीबरवा, नौकाटोला, मटियरवा, शिकारपुर, मूजा टोला आदि गांवों तक जाती है। नदी के किनारे बसी करीब चालीस हजार की आबादी को इस लाइन से विद्युत आपूर्ति होती है। बरसात में गंडक नदी की कटान से कई जगह तार और पोल नदी गिर गए थे। ग्रामीणों ने कुछ जगहों पर पोल व तार को निकालकर दूसरे जगह लगाकर सप्लाई शुरू कराया था, लेकिन तेज कटान के चलते जल्दी ही कई अन्य जगहों के पोल व तार नदी में समा गए। मरचहवा ग्राम प्रधान इजहार अंसारी, शिवपुर ग्राम प्रधान रामकल्प, सोहगीबरवा के प्रधान प्रतिनिधि विनय सिंह, अजय सिंह, नन्दू सहनी, जवाहिर, नथुनी, निजामुद्दीन, पप्पू सिंह, नरेश, विरेंद्र आदि ने तत्काल पोल लगाकर सप्लाई बहाल करने की मांग की है। इस संबंध में एसडीओ अजीत कुमार ने बताया कि नदी के कटान से पोल व तार विलीन हो गए हैं। इसका सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के बाद पोल तार लगाकर सप्लाई बहाल कराया जाएगा।