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Kushinagar News: लक्ष्मीपुर और सूरजनगर में बनेगा बिजली उपकेंद्र, खर्च होंगे 20 करोड़

Sun, 12 Jan 2025 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से परेशान लोगों को राहत दिलाने के लिए उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि के साथ ही नए उपकेंद्र बनाकर लोड बांटने की कवायद तेज हो गई है। बिजली निगम लक्ष्मीपुर और सूरजनगर में नया विद्युत उपकेंद्र स्थापित करेगा।
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इन दोनों उपकेंद्रों पर पांच-पांच एमवीए के ट्रांसफाॅर्मर लगाए जाएंगे। इसके लिए 20.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन दोनों उपकेंद्र के स्थापित होने के बाद पडरौना और कोटवा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को बिजली समस्या से पूरी तरह निजात मिल जाएगी। पडरौना के लक्ष्मीपुर में 9.50 करोड़ और सूरजनगर में 11 करोड़ की लागत से बनने वाले विद्युत उपकेंद्र को वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। लक्ष्मीपुर में विद्युत उपकेंद्र का निर्माण होने के बाद पडरौना विद्युत उपकेंद्र से दुदही और सरेया फीडर को जाने वाले 350 एंपीयर की लोड क्षमता कर लक्ष्मीपुर उपकेंद्र पर बढ़ाते हुए ग्रामीण क्षेत्र के 8000 से अधिक उपभोक्ताओं का भार पडरौना से अलग कर दिया जाएगा।
यही नहीं दुदही और सरेया के उपभोक्ताओं को भी पास से बिजली आपूर्ति मिलनी शुरू हो जाएंगी, जिससे वहां बार-बार होने वाली बिजली से जुड़ी समस्याओं से निजात मिल जाएगी। इसी तरह पडरौना-खड्डा रोड स्थित सूरजनगर में होने वाले विद्युत उपकेंद्र पर भी पांच-पांच एमवीए क्षमता का दो ट्रांसफाॅर्मर लगाए जाएंगे। इस विद्युत उपकेंद्र से कोटवा विद्युत उपकेंद्र से 275 एंपीयर का लोड कम करते हुए सरपतही और बलकुड़ियां फीडर को अलग करते हुए नवनिर्मित उपकेंद्र से जोड़ दिया जाएगा।
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20 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत : पडरौना विद्युत उपकेंद्र से ही दुदही और सरेया फीडर के करीब दस हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। पडरौना से बिजली आपूर्ति होने के चलते दुदही फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं की बिजली करीब 50 किलोमीटर और सरेया फीडर की बिजली करीब 20 किलोमीटर दूरी तय कर उपभोक्ताओं तक पहुंचती है। लक्ष्मीपुर में उपकेंद्र बनने के बाद बिजली आपूर्ति की दूरी कम हो जाएगी, जिससे बिजली के तार में बार-बार होने वाले फाॅल्ट और लाइन लास की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिली जाएगी।
इसी तरह कोटवा विद्युत केंद्र से ही अभी सरपतही और बलकुड़िया गांव के करीब आठ उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति होती है। कोटवा फीडर से सरपतहीं और बलकुड़िया गांव के उपभोक्ताओं को 50 से 60 किलोमीटर दूर बने उपकेंद्र से आपूर्ति की जाती है। सूरजनगर में विद्युत उपकेंद्र बनने से सूरजनगर के आसपास के करीब 50 हजार उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।े
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