पडरौना। शहर के जगदीशपुरम कॉलोनी में रात करीब 10:30 बजे तेज हवा के साथ शुरू हुई बारिश के दौरान काफी दिनों से जर्जर पड़ा बिजली का पोल गिर पड़ा। इससे मोहल्ले के 100 से अधिक घरों की बिजली गुल हो गई। गनीमत रही कि यह पोल दिन में नहीं गिरा, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। रात भर बिजली ठप रहने और दिन में उमसभरी गर्मी के चलते लोग बेहाल रहे। बिजली निगम की तरफ से शाम तक गिरे बिजली के पोल काे सही नहीं किया जा सका। वहीं शहर में अभी भी कई जगह जर्जर बिजली के पोल के सहारे ही आपूर्ति हो रही है।
शहर की जगदीशपुरम कॉलोनी में देर रात बिजली का पोल गिरने से तार टूट गए। कॉलोनी के हरेश मणि पांडेय, विपिन तिवारी आदि का कहना है कि अगर पोल दिन में गिरता तो सड़क पर आने-जाने वालों के साथ बड़ा हादसा हो सकता था। रात से बिजली गुल होने से बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। इन्वर्टर और यूपीएस भी कुछ घंटों में ही जवाब दे गए। गर्मी और अंधेरे के कारण रात भर लोगों को नींद नहीं आई। सुबह से लोग बिजली निगम के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
जगदीशपुरम अकेला इलाका नहीं है, जहां जर्जर बिजली के तार और पोल हैं। शहर के कई मोहल्लों में आज भी सड़े-गले, झुके हुए पोल लगे हैं। शहर के वायरलेस रोड पर लगा बिजली के पोल का निचला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। कोतवाली के पास से हॉस्पिटल रोड मोड़ पर बिजली के पोल का भी निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त है। इसके अलावा कई जगहों पर लगे पोल के भी नीचे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। पोल के चारों तरफ लोहे का सपोर्ट लगाकर वेल्डिंग की गई है। लोगों का कहना है कि यह सपोर्ट तेज आंधी को सहने लायक नहीं है। उधर, निगम का दावा है कि चरणबद्ध तरीके से पोल बदले जा रहे हैं, पर हकीकत यह है कि हादसा होने के बाद ही सिस्टम जागता है। शहर के लोगों का आरोप है कि कॉलोनी में लगे बिजली के पोल सालों से जर्जर हाल में हैं। कई पोल टेढ़े हो चुके हैं, तार लटक रहे हैं। शिकायत के बावजूद निगम के अधिकारी कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहा।
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-पोल गिरने की सूचना मिलते ही टीम मौके पर भेजी गई थी। तार जोड़ने और नया पोल लगाने का काम चल रहा है। प्रयास है कि जल्द आपूर्ति शुरू कर दी जाए। शहर में बाकी जर्जर खंभों को चिह्नित कराकर बदला जाएगा। -सुरेंद्र कुमार,एक्सईएन, पडरौना