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Kushinagar News: केबल में फाल्ट से आठ घंटे बिजली गुल...हवा-पानी के लिए तरसे शहरवासी

Sat, 27 Apr 2024 06:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। कसया बिजली घर 63 एमवीए का ट्रांसफाॅर्मर जल जाने से एक सप्ताह से शहरवासी दुश्वारियां झेल रहे हैं कि शुक्रवार तड़के चार बजे बेलवा चुंगी के पास केबल में फाल्ट हो गया। 4 बजे भोर से लेकर 11:30 बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे घर से लेकर दुकानों तक लोगों को सांसत झेलनी पड़ी। महिलाओं को सुबह बच्चों को तैयार कर स्कूल भेजने में भी दिक्कतें हुईं तो, कामकाजी लोग देरी से दफ्तर व दुकान पहुंचे। वहीं, बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद लोगों ने जेई और बिजली घर का सीयूजी नंबर पर फोन किया तो स्विच ऑफ होने से संपर्क नहीं हो सका। बिजली आपूर्ति बंद होने की वजह लोकल फाल्ट और कसया में जला 63 एमवीए का ट्रांसफार्मर बताया जा रहा है। शहर के नाराज लोग बिजली उपकेंद्र पर पहुंचे तो ग्रामीण क्षेत्र की आपूर्ति बंद कर शहर की आपूर्ति बहाल की गई।
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पडरौना शहर के गांधी नगर, सहस्रबाहु अर्जुननगर, बेलवा चुंगी, जगदीशपुरम और मेन बाजार की बिजली शुक्रवार की भोर में करीब साढ़े पांच बजे गुल हो गई। इसकी वजह विभाग कसया में जला 63 एमवीए का ट्रांसफार्मर और लोकल फाल्ट होना बता रहा है। नींद से उठे लोगों को जब यह पता चला कि बिजली गुल है तो लोग परेशान हो गए। पानी की टंकियां खाली होने से लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो गई। कुछ देर बाद घरों में लगे इन्वर्टर भी जवाब दे गए। बच्चों को तैयार कर स्कूल भेजने में महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। काफी समय बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो लोगों ने हैंडपंप से स्नान जैसे जरूरी कार्यों को निपटाया।
दफ्तर और दुकान जाने वाले लोग भी देर से निकले। लोगों का कहना है कि गर्मी की शुरुआत से ही शहर में बिजली की समस्या गंभीर होने लगी है। निगम का सीयूजी नंबर और जेई का फोन अक्सर बंद रहता है। शहर से करीब 15 युवक बाइक से बिजली उपकेंद्र पर पहुंचे। वहां पर सिर्फ एसएसओ मिले, मामला बढ़ता देख एसएसओ ने ग्रामीण क्षेत्र की आपूर्ति बंद कर शहर की सप्लाई चालू की। इससे बिजली आपूर्ति कब बहाल होगी और किस वजह से आपूर्ति बंद है, की भी जानकारी नहीं मिल पाती है। दिन के करीब 11:30 बजे इन मोहल्लों में आपूर्ति बहाल हुई, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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सुबह पानी के लिए तरसे लोग
बिजली गुल होने से लोगों के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया। घरों में लगे हैंडपंपों से लोगों ने जरूरी कार्यों को निपटाना पड़ा। वहीं, नगरपालिका की ओर से पानी की आपूर्ति तो की जा रही थी लेकिन, बिजली कटौती के कारण पानी का प्रेशर कम हो गया। सप्लाई वाली टोटी से एक बाल्टी पानी भरने के लिए लोगों को 10 से 12 मिनट का इंतजार करना पड़ा। नगरपालिका जलकल अनुभाग के मनोज सिंह ने बताया कि शहर के सभी इलाकों में जनरेटर से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। बिजली न होने के कारण पानी का प्रेशर कम जरूर होता है, लेकिन कहीं आपूर्ति बाधित नहीं होती है। पेयजल को लेकर पहले से ही व्यवस्था को बेहतर किया जा चुका है।
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सुबह 10:30 बजे के बाद खुलीं दुकानें
बिजली गुल रहने से शहर में सुबह खुलने वाली दुकानों का शटर भी 10:30 बजे के बाद उठा। सहालग का समय होने के बाद भी देर से दुकानें खुलने की वजह कारोबारियों ने बिजली कटौती को बताया। कारोबारी विष्णु टिबड़ेवाल, सोनू शुक्ल, दीपक गुप्ता और कुंवर रैना का कहना था कि बिजली गुल होने के कारण उनकी दिनचर्या भी प्रभावित हो गई। नींद तो समय से खुल गई थी। लेकिन, बिजली न होने पानी की समस्या खड़ी हो गई। स्नान आदि जरूरी कार्यों को निपटाने में काफी वक्त लग गया। इसके चलते वह दफ्तर और दुकान देरी से पहुंचे। कुछ दुकानों पर जेनरेटर चलाकर काम निपटाया गया। बाइक मैकेनिक मुर्तुजा अंसारी का कहना था कि एक तो प्रचंड गर्मी और ऊपर से बिजली की कटौती से काम बुरी तरह प्रभावित होने लगा है। जेनरेटर चलाकर किसी तरह काम निपटाया जा रहा है।
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बिजली कटते ही बंद हो जाता है विभाग का सीयूजी नंबर
-शहर में बिजली गुल होते ही विभाग के जिम्मेदार अपने सीयूजी नंबर को बंद कर देते हैं। आपूर्ति कब बहाल होगी और किस वजह से कटौती हुई है, इसकी भी सटीक जानकारी नहीं मिल पाती है। जबकि विभाग के जिम्मेदार को सीयूजी नंबर इसीलिए दिया गया है कि जनता त्वरित शिकायत दर्ज करा सके, जिससे समय से उसका निस्तारण हो सके। मगर, यहां सीयूजी नंबर तब तक काम करता है, जब तक बिजली आपूर्ति बहाल रहती है। आपूर्ति बंद होने के साथ ही अधिकारी फोन भी स्विच ऑफ कर लेते हैं।
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-शहर में लोकल फाल्ट के नाम पर अघोषित कटौती की जा रही है। दिन और रात मिलाकर कुल 12 से 14 घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है। इससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार की सुबह हुई कटौती से दिनचर्या पर काफी असर पड़ा। -अंशुल जायसवाल
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शहर में शुक्रवार की सुबह 5:30 बजे के करीब बिजली गुल हो गई। इससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। विभाग के सीयूजी नंबर पर फोन कर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो नंबर भी बंद कर दिया गया था। इससे आपूर्ति से संबंधित कोई भी जानकारी नहीं मिल पाई। -सूर्यप्रकाश शर्मा
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प्रचंड गर्मी के बीच बिजली कटौती से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार की भोर में बिजली कटौती होने से रसोई बनाने से लेकर अन्य जरूरी कार्यों पर सीधा असर पड़ा। दोपहर में बिजली आपूर्ति बहाल हुई, तब जाकर घर का कामकाज पूरा हो सका। कविता जायसवाल, गृहिणी
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बिजली आपूर्ति बंद होने की वजह से पानी के लिए परेशान होना पड़ा। छत पर लगी पानी की टंकी खाली होने से बच्चों को तैयार कर स्कूल भेजने में भी दिक्कतें हुईं। सप्लाई के पानी का प्रेशर काफी कम रहा। इसके चलते दोपहर तक घर का सारा काम प्रभावित रहा। -रोसी गुप्ता, गृहिणी
वर्जन
-कसया में 63 एमवीए का ट्रांसफार्मर जलने के कारण बिजली व्यवस्था का शेड्यूल गड़बड़ हुआ है। बावजूद इसके, शहर की आपूर्ति अधिक से अधिक देने का प्रयास किया जा रहा है। शहर के बेलवा चुंगी, सुभाष चौक के पास फाल्ट के कारण रात में शहर के कुछ मोहल्लों की आपूर्ति ठप थी। बेलवा चुंगी का केबल जर्जर हो गया है। इसलिए फाल्ट की समस्या रहती है। -इंद्रराज यादव, एक्सईएन पडरौना
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