- सुकरौली में एसडीओ और सहित अन्य कार्मचारियों की हो चुकी है तैनाती
- क्षेत्र के लोगों को अभी भी समस्याओं के समाधान के लिए हाटा जाना पड़ता है
संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा। क्षेत्र में बेहतर बिजली व्यवस्था को संचालित करने के लिए विभागीय स्तर पर सुकरौली को हाटा कार्यालय से अलग कर दिया गया है। इस क्रम में सुकरौली के लिए एसडीओ की तैनाती भी शासन स्तर से हो गई है, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी सुकरौली में एसडीओ का कार्यालय स्थापित नहीं हो पाया है। इस वजह से उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है।
बिजली निगम की व्यवस्था के अनुसार सुकरौली क्षेत्र पहले हाटा विद्युत उपखंड कार्यालय से संचालित होता था। एक वर्ष पहले सुकरौली क्षेत्र को हाटा से अलग कर नया उपखंड कार्यालय बना दिया गया। कुछ दिनों बाद ही सुकरौली के प्रथम एसडीओ के रूप में ऋषभ श्रीवास्तव की तैनाती कुछ अन्य कर्मचारियों के साथ हो गई, लेकिन उपखंड कार्यालय के लिए अभी भी भवन नसीब नहीं हो पाया है।
हाटा में ही सुकरौली एसडीओ का अस्थाई कार्यालय बना दिया गया है। सुकरौली क्षेत्र अलग होने के बाद भी यहां के उपभोक्ताओं को बिजली संबंधित किसी भी समस्या के समाधान, कनेक्शन, मीटर आदि के कार्य से हाटा जाना पड़ता है।
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सुकरौली में कार्यालय स्थापित करने की मांग
सुकरौली निवासी संतोष शर्मा, दिलीप कुमार, अनील सिंह, बब्लू तिवारी आदि बिजली उपभोक्ताओं ने बताया कि सुकरौली विद्युत उपखंड बनने से हम लोगों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। एक वर्ष से अधिक समय से एसडीओ की तैनाती है, लेकिन यहां कार्यालय नहीं होने से उनसे मिलने हाटा में बने अस्थाई कार्यालय में जाना पड़ता है। हमारी मांग है कि जल्द से जल्द सुकरौली में कार्यालय की स्थापना की जाए।
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शासन स्तर से अनुमति मिलने पर सुकरौली में तैनाती हुई थी। हमने कार्यालय के लिए ब्लाॅक परिसर स्थित मनरेगा भवन की मांग की है, लेकिन अभी कोई कदम नहीं उठाया गया है।
ऋषभ श्रीवास्तव, एसडीओ