विदेश भेजने के नाम पर करीब सौ बेरोजगारों से 60 लाख रुपए से अधिक ठगने वाले गिरोह के पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ठगी के शिकार युवक यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल के हैं। आरोपियों के पास से पुलिस ने लैपटॉप, सरकारी और गैरसरकारी कार्यालयों की मुहर, पासपोर्ट, फर्जी वीजा, सिमकार्ड बरामद किया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। गिरोह में गोरखपुर, कुशीनगर और बिहार के लोग शामिल हैं।
शहर के रामकोला रोड पर भारत टेक्निकल इंस्टीट्यूट के नाम से कार्यालय खोलकर विदेश में नौकरी दिलाने का ठगी का धंधा कई दिनों से चल रहा था। इस गिरोह ने कुशीनगर जिले के अलावा देवरिया, गोरखपुर और महराजगंज के साथ ही बिहार और पश्चिम बंगाल के 100 से अधिक बेरोजगारों से 60 लाख से अधिक की रकम हड़प ली थी। नामी कंपनियों का फर्जी वीजा, हवाई जहाज का टिकट, मेडिकल सर्टिफिकेट देकर रफूचक्कर हो गए थे। एयरपोर्ट पर पहुंचे युवकों को फर्जी पेपर की जानकारी होने के बाद ठगे जाने का पता चला। इसके बाद युवक पडरौना पहुंचे तो ठग कार्यालय बंद कर फरार हो गए थे। युवकों की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने 12 जनवरी को भारत टेक्निकल इंस्टीट्यूट, अविनाश राव, जयप्रकाश सिंह और अरविंद पांडेय पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया।
एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि आदर्श सिंह उर्फ मोनू गांव साखोपार थाना कसया, अविनाश राव गांव बंगालीपट्टी थाना विशुनपुरा, अरविंद पांडेय गांव गोरड़िया थाना विशुनपुरा, पीयूष कुमार गौतम गांव चंदनपुर मगलहां थाना रामकोला, ओंकारेश्वर दीक्षित गांव सिरसिया दीक्षित कोतवाली पडरौना, धीरज कुमार गांव कोटवा बाजार थाना नेबुआ नौरंगिया कुशाीनगर, अजय मौर्य गांव बरपार थाना बड़हलगंज जिला गोरखपुर और राजन यादव गांव बगहा थाना धनहां जिला पश्चिमी चंपारण बिहार को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से 11 लाख रुपये नकद, एक लैपटॉप, 12 मोबाइल फोन, 16 पासपोर्ट, 29 सिमकार्ड, 19 आधार कार्ड, तीन एटीएम, कंप्यूटर, प्रिंटर, 54 फर्जी सरकारी और प्राइवेट मुहर, 48 देशों के कूटरचित सर्विस ऑफर लेटर, 12 मेडिकल फिटनेस फर्जी प्रमाण पत्र, रजिस्टर और एक चार पहिया वाहन बरामद किया गया। इनका गिरोह पूर्वांचल के कई जिलों में सक्रिय है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।