कुशीनगर। पडरौना में बंद पड़ी कानपुर शुगर वर्क्स (मिल) को दोबारा चालू कराने की तैयारी शुरू हो गई है। चीनी मिल की जमीन पर की पैमाइश कर डीएम ने राजस्वकर्मियों से रिपार्ट मांगी है। इसके लिए नौ सदस्यीय राजस्वकर्मियों की टीम बनाई गई है। इसमें चीनी मिल पर कब्जा की गई जमीन और कब्जा करने वालों की सूची बनाई जा रही है, मिल चलाने में प्रशासन को कई चुनौतियों से गुजरना होगा। सबसे पहली चुनौती की चीनी मिल के चारों तरफ घनी आबादी बस गई है और अवैध तरीके से जमीन कब्जा करने वालों से कब्जा खाली कराना होगा।
वर्ष 1934 में चीनी मिल को पडरौना राज परिवार ने बनवाया था। वर्ष 1956 में नीलामी में इसे कानपुर शुगर वर्क्स ने खरीद लिया था। इसका ज्यादा हिस्सा पडरौना तहसील के राजस्व गांव जंगल विशुनपुरा में है। राजस्वकर्मियों के अनुसार मिल के नाम से 154.36 एकड़ जमीन थी, लेकिन मौके पर अधिकतर जमीन पर लोग मकान का निर्माण करा लिए हैं और कब्जा कर रखे हैं। डीएम महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर हरिशंकर सिंह राजस्व निरीक्षक खिरकिया के नेतृत्व में चीनी मिल की जमीन पैमाइश के लिए नौ सदस्यीय टीम का गठिन किया गया है। तीन दिन के अंदर इसकी रिपोर्ट डीएम को सौंपनी है। इसमें अभिलेखों का परीक्षण, स्थलीय आख्या, भौतिक कब्जे से अवगत कराना है। इससे कयास लगाया जा रहा है बहुत जल्द चीनी मिल चालू होगी। राजस्वकर्मियों की अभिलेखीय सत्यापन में पता चला कि राजस्व अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर 100 से अधिक लोगों ने अपना नाम चीनी मिल की जमीन पर गलत तरीके से दर्ज करा लिया। फरवरी में विशेष सचिव के आदेश के बाद पहली बार इसकी जांच हुई थी।
अब डीएम के आदेश पर तहसीलदार की ओर से इसकी रिपोर्ट दी जााएगी। सूत्रों की माने चीनी मिल की जमीन खाली करना जिला प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। इसके अलावा जिनके घर के आसपास चीनी मिल की खाली जमीन थी, उन्होंने भी इस पर कब्जा कर लिया है। शासन का पत्र मिलने के बाद सक्रिय हुए प्रशासन के लिए चीनी मिल की जमीन से अतिक्रमण हटाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।