पडरौना। परिषदीय विद्यालयों के परिसर में संचालित बाल वाटिका का अब एआरपी, एसआरजी व डायट मेंटर भी निरीक्षण करेंगे। इसका उद्देश्य इन केंद्रों की भी व्यवस्था व्यवस्थित करना है। बीएसए ने इस बारे में सभी बीईओ को निर्देश दिए हैं। परिषदीय विद्यालयों के परिसर में बाल वाटिका संचालित की जा रही है। इसमें पांच साल तक के बच्चे अध्ययनरत हैं। इनको प्री-प्राइमरी की शिक्षा दी जा रही है। जब बच्चे यहां शिक्षा ग्रहण कर लेते हैं तो उन्हें प्राइमरी विद्यालयों में कक्षा एक में प्रवेश दिया जाता है। इन केंद्रों को संभालने की जिम्मेदारी बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की होती है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से शिक्षा दी जाती है। अब इनकी सुविधाएं और भी बेहतर की जाएंगी। विद्यालयों का जब भी निरीक्षण करने एआरपी, एसआरजी व मेंटर जाएंगे तो इन केंद्रों का भी पर्यवेक्षण करेंगे। इस दौरान यहां कमियां मिलती हैं तो बाल विकास पुष्टाहार विभाग को पत्र लिखेंगे। इसके बाद इन कमियों को दुरुस्त किया जाएगा।