पडरौना। मेडिकल कॉलेज में उपकरणों की खरीद पर 25 करोड़ से अधिक रुपये खर्च किए जाएंगे। अधिकांश उपकरणों की खरीद भी हो चुकी है, लेकिन ईको और आटोमेटिक अल्ट्रासाउंड मशीनें अभी नहीं आई हैं। इसका भी प्रस्ताव भेज दिया गया है। सब कुछ ठीक रहा 15 दिसंबर से रोगियों को ईको और आटोमेटिक अल्ट्रासाउंड मशीन से जांच की सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।
मेडिकल कॉलेज में कॉर्डियोलॉजी के डॉ. धनंजय मिश्रा की तैनाती के बाद ओपीडी में दिल के रोगियों की संख्या में इजाफा होने लगा है। इसके पहले इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार के बाद रोगियों को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया जाता था। अब दिल के रोगियों को इलाज मिल रहा है। जिन मरीजों को ईको जांच की जरूरत पड़ रही है, उन्हें निजी जांच सेंटर पर जाना पड़ रहा है। वहीं, अल्ट्रासाउंड की आटोमेटिक मशीन लगाई जाएगी। इसमें एक साथ कई तरह की जांच की जा सकती है। दोनों मशीनों की खरीदारी के लिए प्राचार्य की ओर से प्रस्ताव भेज दिया गया है। बजट की स्वीकृति भी मिल गई है। प्राचार्य डॉ. आरके शाही ने बताया कि 15 दिसंबर से पहले दोनों मशीनें लग जाएंगी। पैथाेलॉजी का भी विस्तार किया जाएगा। इसके लिए भी मशीनों की डिमांड की गई है। एकेडमिक ब्लॉक पर उपयोग किए जाने वाले अधिकांश उपकरणों की खरीदारी कर ली गई है।