पडरौना। जिले में शराब की दुकानों के लिए चल रही ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया सोमवार को पूरी कर ली गई। कुल 330 दुकानों की ई-टेंडरिंग सहायक आबकारी आयुक्त और प्रेरक के रूप में मौजूद गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा के बीच हुई। शेष 14 दुकानों की ई-टेंडरिंग के लिए 26 मार्च की तारीख मुकर्रर की गई है।
वित्तीय वर्ष 2018-19 में देसी व विदेशी शराब, बीयर और मॉडल शॉप की कुल 344 दुकानों के लिए ई-टेंडरिंग की जानी है। शराब की इन 344 दुकानों में पडरौना, कसया, हाटा, तमकुहीराज, कप्तानगंज और खड्डा तहसील क्षेत्र से देसी शराब की 196, विदेशी शराब की 78, बीयर की 64 और मॉडल शॉप की 06 दुकानों के लिए जिले भर से शराब के ठेकेदारों से आवेदन मांगे गए थे। 1100 से अधिक ठेकेदारों ने इसके लिए आवेदन किया था।
ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया को मुकम्मल करने के लिए आठ मार्च को पूरी तैयारी की गई थी। इसके लिए उस दिन सुबह से ही कलेक्ट्रेट के चारो तरफ काफी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। यहां तक कि इस कार्य के लिए कलेक्ट्रेट में अवकाश भी घोषित किया गया था। नतीजा जानने के लिए जिले भर से आए आवेदक और उनके समर्थक देर रात तक कलेक्ट्रेट के बाहर खड़े रहे, लेकिन प्रदेश भर की निविदाएं एक साथ खोले जाने की वजह से सर्वर जाम हो गया था, जिसके कारण डीएम ने टेंडर स्थगित कर दिया था।
इसके बाद टेंडर खोलने के लिए 19 मार्च की तारीख मुकर्रर की गई। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सोमवार को शाम चार बजे से टेंडर खोलने की प्रक्रिया शुरू हुई। टेंडर प्रक्रिया से आवेदकों को अवगत कराते रहने के लिए उसे बड़े से स्क्रीन पर दिखाया जा रहा था। करीब एक घंटे में टेंडर का काम पूरा हो गया।
जिला आबकारी अधिकारी राजेश कुमार मिश्र ने बताया कि सहायक आबकारी आयुक्त ओपी चौरसिया, प्रेक्षक के रूप में आए गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सौरभ श्रीवास्तव, डीएम आंद्रा वामसी, एसपी अशोक कुमार पांडेय, एडीएम कृष्णलाल तिवारी, एएसपी हरगोविंद, सीओ सदर नितेश प्रताप सिंह सहित अन्य अफसरों की मौजूदगी में शराब की 330 दुकानों के टेंडर का काम पूरा कर लिया गया। इनमें देसी शराब की 185, विदेसी मदिरा की 76, बीयर की 63 और मॉडल शॉप की छह दुकानें शामिल रहीं। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में शेष 14 दुकानों का टेंडर 26 मार्च को होगा। डीओ ने यह भी बताया िक जिन ठेकेदारों के नाम से टेंडर हुआ है, उनका विवरण डीएम के निर्देशानुसार एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड करा दिया गया है। इस दौरान जिले भर से आए शराब के ठेकेदार और उनके सहयोगी मौजूद थे।