फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: मुंह मीठा करने से पहले जान लें, मिठाई असली है या नकली पहचान लें

Wed, 17 May 2023 11:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर।

सार

खाद्य औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अभियान चलाकर प्रतिष्ठानों मिठाइयों सहित अन्य नमूने लिए जाते हैं। जांच की रिपोर्ट प्रयोगशाला से आने के बाद कार्रवाई की जाती है। 228 लोगों पर 59,15000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
विज्ञापन
पडरौना नगर में खराब होने की तिथि अंकित किए बिना दुकानों पर बिक रही मिठाई।संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

खाद्य के मामले में सुरक्षित नहीं है पडरौना शहर। मुंह मीठा करने से पहले जान लें कि मिठाई असली है या नकली। ज्यादातर दुकानों पर बिक रहीं मिठाइयां सेहत के लिए ठीक नहीं हैं। खोवा और पनीर में मिलावट की जा रही है। इसकी जानकारी तब हुई, जब औषधि प्रशासन विभाग की ओर से भेजे गए नमूनों की जांच रिपोर्ट प्रयोगशाला से आई। खाद्य पदार्थों में दूध से बने उत्पादों के 336 नमूनों में 168 फेल हो गए। इनमें अधिकतर मिठाइयों, खोवा व पनीर के नमूने थे। इस समय शादी-विवाह का सीजन चल रहा है। ऐसे में लापरवाही भारी पड़ सकती है।

विज्ञापन


वर्ष 2022-2023 में जिले में अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा औषधि विभाग ने 1623 प्रतिष्ठानों की जांच की। इस वर्ष जनवरी माह से लेकर 265 नमूने संग्रहित कर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे गए। पूर्व में भेजे गए नमूनों सहित कुल 336 की रिपोर्ट आई तो उसमें 168 फेल पाए गए। इसमें अधिकतर शहर में लिए गए पनीर, खोवा, दूध, व दूध से बनीं मिठाइयां शामिल हैं। सुरक्षा के मानकों पर फेल पाया जाना शहरवासियों और अन्य लोगों की सेहत के लिए खतरनाक है।

कैसे करें मिलावटी पनीर और खोवा की पहचान
पनीर का टुकड़ा हाथ में मसलकर देखें। अगर यह टूटकर बिखर जाए तो यह मिलावट की पहचान है। इसमें मौजूद केमिकल दबाव नहीं सह पाता है। पनीर को पानी में उबाल कर ठंडा कर लें। ठंडा होने पर उसके ऊपर कुछ बूंदें आयोडीन टिंचर की डालें। अगर पनीर का रंग नीला पड़ जाए तो इसमें मिलावट है। नकली पनीर ज्यादा टाइट होता है। उसका आकार रबड़ की तरह होता है। इसी तरह, खोवा को हथेली पर रखने पर अगर वह तेल छोड़ता है तो उसमें मिलावट नहीं है। खोवा को हल्के गुनगुने पानी में डाल दें। फिर इसमें थोड़ा चने का आटा व चुटकी भर हल्दी मिला दें। रंग गुलाबी आता है तो मान लीजिए कि इसमें मिलावट है।
विज्ञापन


 

ऐसे करें पहचान

शुद्ध खोवा कठोर होता है। खोवा में आयोडीन सॉल्यूशन डालें, अगर खोवा में मिलावट होगी तो उसका रंग बैंगनी हो जाएगा। यदि खोवा चखने पर थोड़ा कड़वा और रवेदार महसूस हो या फिर जीभ पर चिपकने लगे तो समझ लें कि इसमें वनस्पति घी की मिलावट है। खोवे को उंगलियों पर मसल कर भी देख सकते हैं। अगर खोवा असली है तो अंगुली पर नहीं चिपकेगा।

ऐसे करें मिलावटी मिठाई की पहचान
मिठाई को गर्म पानी में डालें, आयोडीन लें और इसे मिठाई वाले कटोरे में डाल दें। मिठाई घुलकर रंग बदलती है तो मिलावट है। नहीं तो ठीक है। मिठाई या खोवा पर टिंचर आयोडीन की पांच-छह बूंदें डालकर कुछ चीनी डाल दें। फिर इसे गर्म करें। अगर मिठाई या खोवे का रंग नीला हो जाए, तो समझ जाएं कि उसमें मिलावट है।

दूध में पानी
दूध की एक बूंद को चिकने या चमकदार तिरछी सतह पर डालने से शुद्ध दूध की बूंद धीरे-धीरे आगे बढ़कर पीछे एक सफेद निशान छोड़कर बहती है, जबकि पानी मिला दूध तेजी से बिना निशान छोड़े बहेगा।

दूध में स्टाॅर्च टिंचर आयोडीन की कुछ बूंदें मिलाने पर स्टार्च युक्त दूध में नीला रंग आ जाता है। टिंचर आयोडीन दवा की दुकान में आसानी से मिल जाती हैं।

दूध में यूरिया
दूध में यूरिया की जांच के लिए एक परखनली में थोड़ा दूध लेकर उसमें आधा चम्मच सोयाबीन या हरड़ पाउडर मिलाकर हिलाएं, फिर इसे पांच मिनट के लिए रख दें। इसके बाद इसमें एक लाल लिटमस पेपर डुबाने पर पेपर का रंग लाल से नीला हो जाए तो दूध में यूरिया की मिलावट मानी जाती है। लाल लिटमस पेपर स्टेशनरी की दुकान से मिल जाता है।

 
विज्ञापन

मिलावटी पनीर-खोवा से नुकसान

पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. संजीव सुमन ने बताया कि मिलावटी दूध, पनीर और घी खाने से हृदय, लीवर, किडनी, आंत को नुकसान पहुंचता है। इसके साथ ही पेट की बीमारी और कैंसर तक होने की आशंका रहती है। वहीं, केमिकल बच्चों को मानसिक और शारीरिक रूप से बहुत कमजोर कर देते हैं। कई बार इन केमिकल के कारण नपुंसकता और अपंगता की भी समस्या आने का डर रहता है।

गर्मी के मौसम में बरती जाने वाली सावधानियां
-किसी भी दशा में बासी भोजन के उपयोग से बचें।
-अत्यधिक मात्रा में शुद्ध पानी का सेवन करें।
-अत्यधिक देर से काटकर रखें गए फलों का सेवन न करें।
-अत्यधिक देर से रखें फलों के जूस का सेवन न करें।
-खुले में बिक रही खाद्य सामग्री का सेवन न करें।
-रोजमर्रा चीनी, नमक एवं खाद्य तेल की प्रयोग की जाने वाली मात्रा से थोड़ा कम इस्तेमाल करें।
-रंगीन खाद्य पदार्थ एवं रंगीन मिठाइयों का प्रयोग न करें।

खाद्य औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अभियान चलाकर प्रतिष्ठानों मिठाइयों सहित अन्य नमूने लिए जाते हैं। जांच की रिपोर्ट प्रयोगशाला से आने के बाद कार्रवाई की जाती है। 228 लोगों पर 59,15000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें