पडरौना। मौसम की मार बड़ों के साथ बच्चों पर भी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज का पीआईसीयू और चिल्ड्रेन वार्ड का बेड फुल हो गया है। चिल्ड्रेन वार्ड में एक बेड पर दो बच्चों को भर्ती किया गया है। डायरिया और निमोनिया की चपेट में बच्चे आ रहे हैं। चार से पांच दिन भर्ती कर इनका इलाज किया जा रहा है, स्वास्थ्य सामान्य होने के बाद डॉक्टर डिस्चार्ज कर दे रहे हैं, लेकिन बच्चों का ख्याल रखने के लिए सुझाव अभिभावकों को दे रहे हैं। डॉक्टरों का मानना है कि बच्चों के पेट में होने वाले इंफेक्शन देखरेख की कमी है। मेडिकल कॉलेज का इमरजेंसी वार्ड भी फुल था, इसमें एक बेड पर दो मरीजों को भर्ती किया गया था। 70 बेड के जनरल वार्ड में 65 मरीजों को भर्ती किया गया था, इसमें सर्वाधिक मरीज पेट दर्द, उल्टी, दस्त के रहे। चिल्ड्रेन वार्ड में 44 और पीआईसीयू में 28 बच्चों को भर्ती किया गया था। अधिकांश बच्चों को उल्टी, दस्त और सांस लेने में तकलीफ थी। मेडिकल कॉलेज के डॉ. अनवर ने बताया कि पेट में इंफेक्शन के कारण ही डायरिया होता है। शुरुआती दौर में बच्चों का इलाज कराने में अभिभावक लापरवाही बरत रहे हैं, जिसके कारण बच्चों की तबीयत ज्यादा बिगड़ जा रही है।