दुदही। ब्लॉक परिसर में बुधवार को पूर्व ब्लॉक प्रमुख के नाम का शिलापट हटाने को लेकर वर्तमान और पूर्व प्रमुख के पक्ष से एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया। शिलापट्ट हटाए जाने की सूचना पर विशुनपुरा पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। एक पक्ष ने तहरीर देकर दूसरे पक्ष पर सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने का आरोप लगाते हुए विधिक कार्रवाई की मांग की है।
दुदही ब्लॉक कार्यालय परिसर में स्थित ब्लाक प्रमुख कक्ष के गेट पर लगे शिलापट को बुधवार को हटाया जा रहा था। दोपहर करीब 12 बजे इसकी जानकारी होने पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख बिंदा देवी के पति गिरजेश जायसवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने अपनी पत्नी व पूर्व प्रमुख बिंदा देवी के नाम वाला शिलापट हटाने जाने पर आपत्ति की। उन्होंने मजदूर से शिलापट हटाने की वजह पूछी तो उसने बताया कि वर्तमान प्रमुख कुसमावती वर्मा के पति ओमप्रकाश वर्मा ने उसे इस कार्य पर लगाया है। इसको लेकर माहौल गरमाने लगा। उन्होंने विशुनपुरा पुलिस को इसकी सूचना दी तो एसआई नंदलाल यादव मौके पर पहुंचे। एसआई इस मजदूर को पूछताछ के लिए थाने लेकर गए। इसके बाद पूर्व प्रमुख के पति विशुनपुरा थाने पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी। इसमें पूर्व ब्लॉक प्रमुख पति गिरिजेश जायसवाल ने कहा है कि उनकी पत्नी बिंदा देवी ने वित्तीय वर्ष 2013-2014 में राज्य वित्त योजना अंतर्गत कार्यालय का सुंदरीकरण कराया था। उसी कार्य को दर्शाने के लिए यह शिलापट लगवाया गया था। शिलापट सरकारी संपत्ति है और उसे हटवाना सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाना है। वहीं वर्तमान ब्लॉक प्रमुख कुसमावती वर्मा के पति ओमप्रकाश वर्मा का कहना है कि यह शिलापट ग़लत स्थान पर लगा था। इसको सही जगह पर लगवाने के लिए सुरक्षित तरीके से निकलवाया जा रहा था। उन पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं।