पडरौना। दवा की दुकानों पर फार्मासिस्टों की अनिवार्यता और ऑनलाइन बिक्री के विरोध में व्यापारियों ने बुधवार को दुकानें बंद रखी। दवा व्यवसायियों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। कारोबारियों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर एडीएम रामकेवल को मांगों से संबंधित ज्ञापन भी दिया। दवा की दुकानें बंद रहने से जिला अस्पताल व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचे मरीजों को परेशानी हुई।
दवा कारोबारी सुबह नौ बजे के करीब हॉस्पिटल रोड पर एकत्र हुए। यहां केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष संजय टिबड़ेवाल, सचिव अभिषेक, कोषाध्यक्ष धर्मेन्द्र मिश्र, जोन अध्यक्ष अजय बंका, मीडिया प्रभारी मनोज रैना आदि सभा कर दवा की दुकानों पर फार्मासिस्टों की अनिवार्यता और इसकी ऑनलाइन बिक्री के बारे में प्रस्तावित कानून की जानकारी दी।
वक्ताओं ने इसे दवा कारोबारियों के लिए काला कानून करार दिया। वक्ताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यह कानून नहीं बदला गया तो दवा कारोबारी अनिश्चितकालीन बंदी पर जाने के लिए विवश होंगे। इस मौके पर शशि डालमिया, अशोक खेतान, विजय खेतान, सुनील जायसवाल, अजय गुप्ता, प्रमोद पांडेय, धीरेंद्र मिश्रा, विश्वबंधु, एके मिश्रा, नंदप्रकाश गुप्ता, गोपाल, नूर मोहम्मद, सुनील सिंह, असलम, रमेश गुप्ता आदि शामिल थे।
तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र की दवा की दुकानें बंद रहीं। इससे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बंदी का आलम यह था कि नर्सिंगहोमों की भी दवा की दुकानें बंद थीं। दुकानें बंद रखने के साथ ही दवा विक्रेताओं ने जुलूस निकालकर सभा की।
दवा विक्रेता संघ की संजीव गुप्ता के अगुवाई में बैठक भी हुई। इसमें संजीव ने आरोप लगाया कि सरकार के इस कदम से दवा विक्रेताओं के समक्ष रोजी रोटी छिन जाने का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो यह बंदी अनिश्चितकालीन के लिए भी किया जा सकता है।
इस दौरान जितेन्द्र सिंह, कल्पनाथ पांडेय, राकेश सिंह, अरुण सिंह, अरशद अली, देवेंद्र गुप्ता, मसउद जफर, अनिल कुमार, चंद्र गुप्ता, राजेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
तमकुहीराज में दवा के दुकानों की बंदी के चलते मरीजों का काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बाजार में दवा उपलब्ध नहीं होने के कारण सरकारी अस्पताल में मरीजों की भीड़ ज्यादा थी।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रखकर जुलूस निकालकर सभा की। व्यवसायियों का कहना था कि केन्द्र सरकार की नई दवा नीति से दवा व्यवसाय चौपट हो जाएगा और मरीजों की दिक्कतें बढे़गी।
इसके पूर्व दवा व्यवसायियों ने जुलूस की शक्ल में कस्बे में भ्रमण किया और केन्द्र की नई दवा नीति के विरोध में नारे लगाए। इस दौरान दवा विक्रेता संघ तमकुही रोड के अध्यक्ष अर्जुन प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में बृजबिहारी बर्मा, अनिल जायसवाल, इमाम सरवर, पंकज गुप्ता, आषीश गुप्ता, मुन्ना श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार उपनगर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-बड़ी दवा कि दुकान बुधवार को बंद रखी गई। दवा व्यवसायी संघ खड्डा के अध्यक्ष शशि ने बताया कि सरकार की इस नई नीति से लाखों दवा दुकानदारों की रोजी-रोटी छिन जाएगी। दवा की दुकान बंद रहने से मरीजों की तकलीफ बढ़ गई। तीमारदार भी परेशान हुए।