संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला मुख्यालय रवींद्रनगर धूस में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। डीएम ने कलक्ट्रेट, विकास भवन, मेडिकल कॉलेज समेत आसपास के क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलभराव से निपटने के लिए 29.06 करोड़ रुपये की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज (तूफानी जलनिकासी) परियोजना की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को स्वीकृति और धनराशि आवंटन के लिए भेजी है।
उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) की तरफ से तैयार की गई इस परियोजना के तहत जिला मुख्यालय क्षेत्र में आधुनिक वर्षा जल निकासी तंत्र विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य मानसून के दौरान सड़कों, सरकारी परिसरों और आवासीय इलाकों में होने वाले जलभराव को समाप्त कर प्रभावी निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। डीएम महेंद्र सिंह तंवर की तरफ से शासन को भेजे गए डीपीआर के अनुसार, रवींद्र नगर धूस प्रमुख प्रशासनिक केंद्र है।
क्षेत्र की समतल भौगोलिक स्थिति, ऊंचे भूजल स्तर और प्रतिवर्ष 1100 से 1400 मिमी तक होने वाली बारिश के कारण यहां जलभराव की समस्या लगातार बनी रहती है। इससे आमजन के साथ-साथ सरकारी कार्यों के संचालन पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
वर्तमान नालियों की क्षमता सीमित है तथा कई स्थानों पर जल निकासी तंत्र अपर्याप्त है। बारिश के दौरान पानी की निकासी बाधित होने से सड़कें और कार्यालय परिसर जलमग्न हो जाते हैं। परियोजना की कुल लागत 2906.16 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसमें निर्माण कार्य के अलावा जीएसटी, श्रम उपकर, सेंटेज और अन्य आवश्यक व्यय शामिल हैं। योजना पूरी होने के बाद इसके संचालन और अनुरक्षण की जिम्मेदारी नगर पालिका को सौंपी जाएगी।