पडरौना। कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को बांसी नदी के पुनरुद्धार के लिए अधिकारी और क्षेत्र के ग्राम प्रधानों की बैठक हुई। इसमें बांसी मेला से पहले नदी की सफाई का कार्य पूरा करने के लिए कार्ययोजना बनाई गई। नदी की सफाई के लिए सामाजिक अभियान के रूप में श्रमदान भी किया जाएगा। इसके लिए तिथि निर्धारित की जाएगी। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि बांसी नदी की कुल लंबाई 114 किलोमीटर है। इसमें से शून्य से 60 किलोमीटर का क्षेत्र सिंचाई खंड दो और 60 से 114 किमी का क्षेत्र बाढ़ खंड के तहत आ रहा है। इसको अलग-अलग सेक्टर में विभाजित कर जीर्णोद्धार के लिए कार्ययोजना बनाई गई है। उन्होंने नदी की सफाई के लिए तिथि का निर्धारण कर सभी संबंधित को अवगत कराने के लिए सीडीओ को निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए बनाए गए 6.22 करोड़ के डीपीआर को गहनता से जांच कर शासन को शीघ्र भेज दें, ताकि धन की स्वीकृति होते ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाय। उन्होंने कहा कि नदी में जलकुंभी दोबारा न हो इसके कारकों को खत्म करना होगा। ग्राम प्रधान टाइड फंड से कार्य कराएं। इस कार्य के लिए मिले दो करोड़ में 1.5 करोड़ बांसी नदी के लिए उनके स्तर से दी जाएगी। शेष 50 लाख हिरण्यवती नदी के पुनरुद्धार के लिए दिए जाने का निर्णय किया गया है। डीएम ने बांसी नदी के किनारों पर पैमाइश कर सरकारी जमीनों पर तालाब, केले की खेती प्रशासन की देखरख में करने के लिए कमेटी में सम्मिलित करने का निर्देश दिए। इस दौरान सीडीओ गुंजन द्विवेदी, एडीएम वैभव मिश्रा, डीडीओ अरुण कुमार पांडेय, डीसी मनरेगा राकेश आदि मौजूद रहे।