ओवरब्रिज न होने से शहर में हर रोज लगता है जाम
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पडरौना। ट्रेनों का आवागमन होते ही पडरौना शहर थम सा जाता है। वजह यह है कि कप्तानगंज-थावे रेल मार्ग पडरौना शहर को दो हिस्सों में बांटती है और शहर के भीतर रेल लाइन के तीनों ढालों पर ओवरब्रिज नहीं है। सोमवार को भी सुबह और शाम रेलवे क्रासिंग बंद होने से लगा जाम लोगों के साथ-साथ दुकानदारों के लिए भी मुसीबत का सबब बन गया। जाम में फंसे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जनपद मुख्यालय होने के चलते पडरौना शहर तेजी से विस्तार ले रहा है। बिहार सीमा से नजदीक होने के चलते बेतिया तक के लोग अपनी जरूरत के सामान व इलाज आदि के लिए पडरौना ही आते हैं। इसके चलते शहर में सुबह से लेकर देर शाम तक भीड़ बनी रहती है। परंतु इस भीड़ के सापेक्ष शहर में न तो सड़कें चौड़ी हो रही हैं और न ही अन्य वैकल्पिक उपाय ही किए जा रहे हैं। इन सबके बीच अब बड़ी लाइन पर ट्रेनों के आवागमन के वक्त रेलवे क्रासिंग बंद होने से जाम की समस्या भी विकराल होती जा रही है। पूर्वी ढाला, मुख्य ढाला और पश्चिमी ढाला पर रेलवे क्रासिंग बंद होने पर पूरा शहर ही लगभग थम सा जाता है। दिक्कत यह है कि मुख्य ढाले और पूर्वी ढाले के बीच ही पडरौना रेलवे स्टेशन है।