पड़रौना। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगने वाले मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेले का सीएमओ डॉ. अनुपम प्रकाश भाष्कर ने निरीक्षण किया। सीएचसी कुबेस्थान के अंतर्गत आने वाले पीएचसी सिधुआ स्थान एवं कठकुइया पर सीएमओ पहुंचे। यहां पर डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी हस्ताक्षर बनाकर गायब मिले तो कुछ ड्यूटी पर आए ही नहीं थे। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए लापरवाह स्वास्थ्यकर्मियों को अनुपस्थित करते हुए नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया।
सीएमओ ने बताया कि पीएचसी सिधुआ डॉ. आयुर्वेन्द्र सिंह एवं फाॅर्मासिस्ट चंद्रभान यादव अनुपस्थित मिले तो वहीं पीएमडब्लू धनंजय कुमार श्रीवास्तव हस्ताक्षर बनाकर गायब मिले। इनको अनुपस्थित करते हुए। उपरोक्त सभी कर्मचारियों के लिए कुबेस्थान के अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया एवं अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन बाधित करने का निर्देश दिया गया। चिकित्सक न होने के कारण एक भी मरीजों का इलाज नहीं हुआ था। इस पर सीएमओ ने फोन कर अधीक्षक को फटकार लगाई और सुधार लाने की चेतावनी दी।
मौके पर स्टाफ नर्स गुड़िया कुशवाहा, वार्ड ब्वाय हरिशंकर यादव एवं स्वीपर नंदलाल उपस्थित मिले। इसके बाद सीएमओ पीएचसी कठकुईया पहुंचे जहां चिकित्सक समेत कुछ कर्मचारी हस्ताक्षर बनाकर ड्यूटी से नदारद मिले।
वहीं मौके पर एलटी दीपक गुप्ता, स्टाफ नर्स कृति सिंह एवं स्वीपर रोज मोहम्मद उपस्थित मिले। सीएमओ की ओर से लैब का निरीक्षण किया गया तथा एलटी से लैब में की गई जांच की जानकारी ली गई। उनकी ओर से मेले में छह रोगियों की जांच की गई तो वही टीबी संबंधी जांच के रिकार्ड जब सीएमओ ने मांगा तो वह नही दिखा सके। इस पर सीएमओ ने कड़ी फटकार लगाते हुए उनका इस माह का वेतन रोकने का निर्देश दिया।
चेतावनी दिया कि लैब के कार्यों एवं रिकार्ड को सही तरीके से करें एवं रखें। चिकित्सक डॉ. जावेद अहमद, वार्ड ब्वाय शेषनाथ यादव एवं मुंशी पासवान हस्ताक्षर बनाकर ड्यूटी से नदारद मिले, जिनको सीएमओ ने अनुपस्थित करते हुुए एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया। वहीं फार्मासिस्ट रमेश चन्द्र शर्मा सीएचसी पर किसके आदेश से अटैच किए गए इसके लिए अधीक्षक से जबाब मांगा गया।
सीएमओ ने कहा कि मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेले की ड्यूटी का मेरे द्वारा औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें ज्यादातर चिकित्सक एवं कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिल रहे है। ऐसे चिकित्सक एवं कर्मचारियों को सख्त चेतावनी देते हुए ड्यूटी पर समय से उपस्थित रहकर अपने कर्तव्यों के निर्वहन हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके बाबजूद भी इनके कार्यों में सुधार नही होता है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शासन की मंशा के अनुसार हमें स्वास्थ्य सुविधाओं को जन जन तक पहुंचाना है।