जौरा बाजार के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में डाँक्टर नही होने से अस्पताल में पसरा सन्नाटा।संवा?
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छह माह से डॉक्टर नहीं, मरीज परेशान
- जौरा बाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इमरजेंसी सेवा भी बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
जौरा बाजार। नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जौरा बाजार चिकित्सक विहीन है। यहां छह माह से डॉक्टर की तैनाती न होने के कारण मरीजों को दिक्कतें हो रही है। अब यहां मरीज नहीं आ रहे हैं।
जौरा बाजार में स्थित नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर छह माह से कोई डॉक्टर तैनात नहीं है। यहां तैनात रहे चिकित्सक का जुलाई में स्थानांतरण हो गया था। उसके बाद किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई है। डॉक्टर न होने की वजह से यहां मरीज भी नहीं आ रहे हैं।
मौजूदा समय में यहां फार्मासिस्ट नर्वदेश्वर प्रसाद सिंह, एएनएम कालिंदी मिश्रा, एनएमए रामछबीला वर्मा, एलटी सत्येंद्र और वार्ड ब्वॉय सत्यप्रकाश शर्मा व परमेश्वर वार्ड व्याय तैनात हैं। इनमें एलटी सत्यप्रकाश को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फाजिलनगर से संबद्ध कर दिया गया है। कालिंदी मिश्रा व रामछबीला वर्मा की कोविड टीकाकरण अभियान में ड्यूटी लगी है। इस स्वास्थ्य केंद्र में केवल फार्मासिस्ट तथा वार्ड व्याय के भरोसे है।
शिक्षक निजामुद्दीन अंसारी ने बताया कि अस्पताल में किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। उन्हें झोलाछाप पर निर्भर रहना पड़ रहा है। मिष्ठान व्यवसायी सुनील कुमार ने बताया कि जब से डॉक्टर का स्थानांतरण हुआ है, मरीजों का आना काफी कम हो गया है। विश्वनाथ यादव ने कहा कि सबसे अधिक परेशानी इमरजेंसी के मरीजों की हो रही है। डॉक्टर के अभाव में लोग निजी अस्पतालों या झोलाछाप के पास जाने को विवश हो रहे हैं। विरेंद्र गुप्ता ने बताया कि डॉक्टर के अभाव में सबसे अधिक गरीब मरीज परेशान हैं। उन्हें मुफ्त इलाज के लिए फाजिलनगर या जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फाजिलनगर के अधीक्षक डॉ. अमरेंदर ठाकुर ने कहा कि नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जौरा बाजार में डॉक्टर की तैनाती उच्च स्तर से होनी है। एलटी की ड्यूटी कोविड संक्रमण की जांच के लिए सैंपलिंग में लगाई गई है। संक्रमण का खतरा फिर से बढ़ने लगा है, इसलिए उनकी तैनाती कब तक रह सकती है कुछ कहा नहीं जा सकता। वहां से कार्य मुक्त होते ही न्यू पीएचसी पर भेज दिया जाएगा।