संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की कुशीनगर इकाई शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर 18 जून को नेशनल डिमांड डे के रूप में मनाएगा। यह निर्णय डॉक्टरों के साथ हो रही हिंसा को देखते हुए लिया गया है।
यह जानकारी आईएमए की कुशीनगर इकाई के अध्यक्ष डॉ. केएन सिंह और सचिव डॉ. अजय कुमार शुक्ल ने संयुक्त रूप से दी। उन्होंने बताया कि आईएमए अपने उन सभी 725 योद्धाओं को श्रद्धांजलि देता है, जिन्होंने कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान अपनी जान गंवाई है। इसके बावजूद आईएमए के डॉक्टर समर्पण भाव से स्वास्थ्य सेवा देते आ रहे हैं। इस दरम्यान कई डॉक्टर संक्रमित भी हो चुके हैं। पिछले कुछ दिनों के अंदर असम, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और अन्य कई स्थानों पर डॉक्टरों के साथ हिंसा की कई घटनाएं हो चुकी हैं। आईएमए देश और राज्यों के मुखिया से अपील करता है कि स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
हम केंद्रीय अस्पताल और हेल्थ केयर प्रोफेशनल सुरक्षा अधिनियम में आईपीसी की धारा और आपराधिक गतिविधि एक्ट शामिल करने की मांग करते हैं। प्रत्येक अस्पताल के सुरक्षा के मानक बढ़ाने, अस्पताल को सुरक्षित क्षेत्र घोषित करने, दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई और उन्हें सख्त सजा दिलाने के प्रावधान की मांग करते हैं। डॉ. अजय ने बताया कि इन्हीं मांगों को लेकर 18 जून को आईएमए देश व्यापी विरोध प्रदर्शन कर नेशनल डिमांड डे मनाएगा।