हाटा। नगर पालिका के वार्ड नंबर एक में हाल में सर्पदंश से हुई मौत के मामले में डाॅक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप परिजनों ने लगाया था। इस मामले में कार्यवाहक सीएमओ ने जांच कराई तो लापरवाही का आरोप सही मिला। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और फार्मासिस्ट का मोतीचक सीएचसी पर स्थानांतरण कर दिया।
हाटा नगर पालिका के मिश्र ढाढा़ मोहल्ले के रहने वाले 20 वर्षीय मजनू करीब एक सप्ताह पहले अपने गांव के पास होकर बहने वाली नहर की तरफ गया था, जहां सांप डस लिया था। परिजन उसको लेकर हाटा सीएचसी पहुंचे, परिजनों का आरोप है कि डयूटी पर तैनात डॉक्टर प्राथमिक इलाज नहीं किए और एंटी वेनम इंजेक्शन नहीं लगाए। मजनू को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इलाज में देरी के चलते मजनू की मौत हो गई। इसकी शिकायत पर कार्यवाहक सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ डॉ. आरके गुप्ता के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच कराया, जांच में ड्यूटी पर तैनात डॉ. प्रशांत मल्ल और फार्मासिस्ट यशवंत सिंह चौहान की लापरवाही मिली। इसके बाद कार्यवाहक सीएमओ ने डॉक्टर और फार्मासिस्ट को मोतीचक सीएचसी पर स्थांतरण कर दिया। परिजनों ने शव का बिना पोस्टमार्टम कराए उसे नदी में प्रवाहित कर दिया। इस मामले में प्रभारी सीएमओ ने बताया कि इलाज में लापरवाही करने वाले डॉक्टर और फॉर्मासिस्ट का स्थानांतरण कर दिया गया है।