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बाढ़ बचाव कार्य में लापरवाही पर होगी कार्रवाई : डीएम

Tue, 06 Jun 2023 11:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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एपी बाँध के घघवा जगदीश में बाढ़ बचाव की जॉच करते डीएम रमेश रंजन व अधिकारी ।संवाद
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फोटो है।
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डीएम, सीडीओ और एडीएम ने किया एपी तटबंध पर चल रहे बचाव कार्य का निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। प्रशासनिक अधिकारी और बाढ़ खंड के अभियंताओं के साथ मंगलवार को डीएम और सीडीओ ने एपी तटबंध पर चल रहे बचाव कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने तीनों प्वाइंट पर चल रहे बचाव कार्यों की नापी कराई और बाढ़ बचाव कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित से सवाल भी किए। उन्होंने बाढ़ खंड के अभियंताओं को चेताया कि बाढ़ बचाव कार्य में गुणवत्ता का शत-प्रतिशत ध्यान रखते हुए निर्धारित समय पर कार्य पूरा करें। चेताया कि बचाव कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही हुई तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम रमेश रंजन, सीडीओ गुंजन द्विवेदी, एसडीएम देवीदयाल वर्मा, एसडीएम विकास चंद्र, बीडीओ सेवरही बब्बन राय, बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता केके राय, अधिशासी अभियंता एमके सिंह, एसडीओ रमेश यादव, जेई चंद्रप्रकाश, जेई सुनील यादव, जेई रमेशधर दुबे आदि अधिकारी मंगलवार की सुबह साढ़े आठ बजे घघवा जगदीश गांव के पास स्थित एपी बांध के किलोमीटर 2.400 पर पहुंचे।
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उन्होंने वहां 4.05 करोड़ की लागत से चल रहे बाढ़ बचाव कार्य परियोजना व किलोमीटर 2.150 से किलोमीटर 2.200 बीच रिवेटमेंट कार्य की जांच की। इसके बाद अधिकारियों की टीम जवहीदयाल स्थित एपी बांध के किलोमीटर 3.300 पर पहुंची। वहां भी 4.90 करोड़ से निर्माणाधीन स्पर (ठोकर) पुनर्स्थापना के कार्य के साथ रिवेटमेंट के कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने गांव के लोगों से बात कर एक-एक कार्य की नापी कराई।
अंत में अधिकारियों की टीम बाक खाश में एपी बांध के किलोमीटर 9.600 पर 2.45 करोड़ की लागत से स्पर के अप स्ट्रीम में रिवेटमेंट के साथ तीन पंक्ति में आरसीसी परक्यूपाइन लगाने के कार्य का निरीक्षण किया। डीएम ने बाढ़ पूर्व बचाव कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की। बाढ़ खंड के अभियंताओं को चेताया कि मानसून शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में बाढ़ बचाव में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अभियंताओं से कार्य की गति बढ़ाकर निर्धारित समय सीमा के अंदर कार्यों को पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
इस दौरान प्रभारी राजस्व निरीक्षक जयंत गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य शर्मा यादव, ग्राम प्रधान दिनेश जायसवाल, बुटाई निषाद, हेमंत सिंह, ध्रुव निषाद, संजय सिंह, बृजकिशोर साहनी, ललन सिंह, ओमप्रकाश निषाद, अशोक निषाद आदि मौजूद रहे।

सक्रिय होगी बाढ़ सुरक्षा समिति और बाढ़ राहत केंद्र
फोटो है।
- बाक खाश गांव स्थित पंचायत भवन परिसर में डीएम और सीडीओ ने चौपाल लगाकर सुनीं लोगों की शिकायतें
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। बाक खाश स्थित पंचायत भवन परिसर में मंगलवार को डीएम और सीडीओ की मौजूदगी में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान गांव में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। बाढ़ सुरक्षा समिति और बाढ़ राहत केंद्र को सक्रिय किया जाएगा। तहसील प्रशासन नाव के प्रबंध और आपदा से निपटने के कार्यों पर पैनी नजर रखेगी। लोगों के बेहतर इलाज का प्रबंध भी किया जाएगा। बाक खाश गांव के पंचायत भवन में आयोजित चौपाल में मंगलवार की सुबह करीब दस पहुंचे डीएम रमेश रंजन, सीडीओ गुंजन द्विवेदी, एडीएम देवीदयाल वर्मा, एसडीएम विकास चंद्र, बीडीओ सेवरही बब्बन राय आदि अधिकारी पहुंचे। इसमें अधिकारियों ने गांव के विकास के साथ बाढ़ कटान, स्वास्थ्य, नाव आदि का बिंदुओं पर लोगों की शिकायतें सुनीं। विरवट कोंन्हवलिया के प्रधान प्रतिनिधि आनंद कुमार सिंह ने कहा कि क्षेत्र के गांव गंडक नदी से सटा होने से बाढ़ग्रस्त क्षेत्र है। उन्होंने बाढ़ के दौरान आने वाली समस्याओं का समाधान कराने की मांग की। बाक खाश के पूर्व प्रधान शम्भू यादव ने कहा कि हजारों की आबादी वाले क्षेत्र में एक भी अस्पताल नहीं है। इसके चलते गांव के लोगों को इलाज के लिए सेवरही, तरयासुजान और तमकुहीराज जाना पड़ता है। बाक खाश के प्रधान प्रतिनिधि संतोष भारती गंडक में चलने वाली नावों में अधिक संख्या लेकर सवारी ढोने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि क्षमता से अधिक लोगों के नाव पर सवार होने से कई बार दुर्घटना हो जाती है। इस पर डीएम ने लोगों को बिंदुवार जबाब देते हुए बाढ़ के दौरान गंडक से सटे गांव में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, नाव पर अधिक सवारी बैठाने के मामले में उन्होंने सभी नाविकों को रजिस्ट्रेशन कराने और क्षमता से अधिक सवारी नहीं बैठाने व देर शाम के बाद नाव को नहीं चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ के दौरान पर्याप्त नाव का प्रबंध करने, सुरक्षा व बाढ़ राहत केंद्रों को सक्रिय करने, लोगों के बेहतर इलाज, आपदा मित्रों और राजस्वकर्मियों द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए।
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इस दौरान प्रभारी राजस्व निरीक्षक जयंत गुप्ता, लेखपाल विनोद कुमार गौतम, प्रमोद यादव, धीरेंद्र राम, वेदप्रकाश पांडेय, सतीश सिंह, रंजीत कुमार, संजय राय, हरकेश सिंह, परशुराम निषाद, संजय सिंह, पप्पू यादव, राजकुमार सिंह, संजय यादव, मुन्ना सिंह, राजेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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