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देवी मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब

Thu, 30 Mar 2017 12:10 AM IST
कुशीनगर (ब्यूरो)
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देवी मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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पडरौना। शैलपुत्री की पूजा के साथ ही चैत्र नवरात्र बुधवार को प्रारंभ हो गया। सभी देवी मंदिर मां भगवती के भक्तिगीतों, शंख और घंटा ध्वनि से गूंज उठे। मंदिरों में भजन-कीर्तन और जयकारे लगने लगे। प्रमुख मंदिरों के बाहर जहां भव्य मेला का आयोजन हुआ, वहीं मंदिरों में भी देवी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।      
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पडरौना से पंद्रह किलोमीटर दूर खह्नवार मंदिर में भव्य मेला लगा है। बुधवार को नारियल, सिंदूर, कपूर, अगरबत्ती, चुनरी सहित विभिन्न पूजन सामग्रियों से सजी दुकानें मंदिर परिसर की आभा को और भी आकर्षक बना रही थीं। नए-नए परिधानों में पहुंचे श्रद्धालु पूजन सामग्रियां खरीद कर मंदिर में पहुंचकर माता खह्नवार देवी के चौरा पर मत्था टेककर अपने व परिवार की सुख-सलामती और समृद्धि के लिए प्रार्थना कर रहे थे। मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए थे। पुरुष और महिला श्रद्धालु अलग-अलग कतारों में लगकर पूजा कर रहे थे। पूरा मंदिर परिसर मां भगवती के जयकारे से गूंजता रहा। पडरौना नगर के दुर्गा मंदिर, बुढ़िया माई मंदिर, अंबे मंदिर, छावनी स्थित दुर्गा मंदिर एवं हट्ठी माता मंदिर, लखरांव मंदिर, गायत्री माता मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई थी। मोतीचक क्षेत्र के चेड़ा माई मंदिर, सिंहासनी माता मंदिर, कप्तानगंज के दुबौली माता मंदिर, रामकोला के धर्मसमधा मंदिर, कसया क्षेत्र के मैनपुर और कुलकुला देवी मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में बुधवार की सुबह से ही विधिवत पूजा-अर्चना शुरू हो गई। नवरात्र के पहले दिन बहुत से श्रद्धालुओं ने उपवास रख कर मां दुर्गा की आराधना की। 
    
कुबेरस्थान के निकट और भूपसागर पोखरा के किनारे स्थित प्राचीन जाल्पा देवी मंदिर में दर्शन के लिए भी श्रद्धालु पहुंचे हुए थे। वहां भी मेला सरीखा दृश्य रहा। इसी तरह पडरौना नगर से तीन किलोमीटर दूर स्थित प्राचीन खिरकिया माता मंदिर भक्तिगीतों, भजन-कीर्तन और मेला के चलते भक्तिमय बना रहा। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की टोलियां कहीं कीर्तन-भजन तो कहीं पूजा-अर्चना में लगी थीं। यहां भी पूजन सामग्रियों से सजी दुकानें मंदिर परिसर की रौनक बढ़ा रही थीं।      
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