तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज में कमी के बावजूद विरवट कोन्हवलिया में कट एंड टू बांध के कई हिस्सों पर दबाव है। संभावित खतरे को देखते हुए अभियंताओं ने संवेदनशील तटबंधों की चौकसी बढ़ा दी है।
गंडक नदी के डिस्चार्ज में उतार चढ़ाव हो रहा है। बृहस्पतिवार को डिस्चार्ज बढ़ कर 1.82 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था। शुक्रवार को डिस्चार्ज में कमी के बाद भी विरवट कोन्हवलिया में कट एंड टू बांध पर भारी दबाव है। आसपास के ठोकर भी कटान की जद में हैं। लोगों का कहना है कि यहां तटबंधों की स्थिति सही नही है। पिछले कई सालों से यहां कोई बचाव कार्य नही कराया गया है। तटबंध और ठोकरों पर पानी के दबाव के चलते कटान का खतरा बना है। हालांकि बाढ़ खंड विभाग ने कई बार तटबंधों व ठोकरों को कटान से बचाने का प्रयास किया है। फिर भी यहां तटबंधों व ठोकरों पर कटान का खतरा कम नहीं हुआ।
नरवाजोत में किमी 1.700 पर बने ठोकर और उसके अप एंड डाउन स्ट्रीम में भी कटान का खतरा बना हुआ है। यही हाल चैनपट्टी, जवही दयाल, विरवट कोंन्हवलिया, बाक खाश, बाघा चौर, कचहरी टोला सहित अन्य स्थानों की है। जिला पंचायत सदस्य शर्मा यादव, पुजारी सिंह, मथुरा सिंह, प्रभुनाथ यादव, गौतम सिंह, सिंघलदीप सिंह, बृजकिशोर साहनी, अर्जुन मंडल आदि ने बताया कि डिस्चार्ज में कमी आने के बाद कभी भी बैक रोलिंग शुरू हो सकती है। यदि सावधानी नही बरती गई, तो कभी भी कटान शुरू हो सकता है। इस खतरे को देखते हुए बाढ़ खंड के जेई चंद्रप्रकाश, जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील कुमार यादव, जेई विनोद कुमार शर्मा, जेई रामचंद्र प्रसाद आदि अधिकारियों ने रात में भी बंधे की निगरानी बढ़ा दी है। एसडीओ रमेश यादव ने बताया कि किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए लगातार तटबंधों की निगरानी की जा रही है। फिलहाल सभी जगहों पर स्थिति सामान्य बनी हुई है।