पडरौना। नेपाल की पहाड़ियों पर हो रही लगातार बारिश के कारण जिले में बह रही बड़ी गंडक नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। शनिवार की रात 4 लाख 40 हजार क्यूसेक पानी नदी में डिस्चार्ज किए जाने के बाद गंडक खतरे के निशान से 22 सेमी ऊपर बह रही है। इससे जिले के तीन तटबंधों पर गंडक का दबाव बढ़ गया है। एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस जाने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गईं हैं। बाढ़ के कारण पशुओं के सामने हरे चारे का संकट उत्पन्न होने लगा है।
खड्डा क्षेत्र के महदेवा, शिवपुर, मरिचहवा आदि रेताक्षेत्र के आधा दर्जन गांवों के लोग ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। वहीं, नदी के जलस्तर में वृद्धि के बाद उस पार खेती करने गए 20 किसान भी फंस गए। बाढ़ से अब तक करीब 40 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा अब तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में गंडक उफनाने लगी है। तटबंधों पर बढ़ते दबाव को देख प्रशासन जवही दयाल गांव को भी खाली कराने में जुटा है। इस गांव के लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र पोखरा में पिछले एक सप्ताह से भारी बारिश के कारण वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से लगातार डिस्चार्ज किया जा रहा है। शनिवार की सुबह से लेकर शाम तक डिस्चार्ज में कमी देखने को नहीं मिली। शाम 5 बजे के करीब जिला प्रशासन को सूचना मिली कि देर रात तक गंडक बैराज से 5 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जाएगा। इस सूचना से प्रशासनिक अफसर हरकत में आ गए। तहसील प्रशासन की ओर से खड्डा व तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में अनाउंस कराकर रेतावासियों को पशुओं व सामानों के साथ ऊंचे स्थानों पर शरण लेने की बात कही गई।
शनिवार की रात 9 बजे नेपाल के देवघाट बैराज पर 5 लाख 71 हजार 850 क्यूसेक पानी पहुंचा तो वाल्मीकिनगर गंडक बैराज के फाटकों पर दबाव बढ़ने लगा। बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए। इसी दौरान देर रात गंडक बैराज से 4 लाख 40 हजार क्यूसेक पानी नदी में डिस्चार्ज किया गया। इससे गंडक उफना गई और खड्डा रेता क्षेत्र के मरिचहवा, शिवपुर, नारायणपुर, बसंतपुर, हरिहरपुर, विंध्याचलपुर और महदेवा के गांवों में बाढ़ पानी पहुंच गया।
लोगों के घरों में कमर तक पानी लगने के कारण वह पलायन करने लगे हैं। कुछ परिवार के सदस्य मचान बनाकर व ट्रालियों पर रहने को विवश हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए छोटी नाव की व्यवस्था की गई है, जो नाकाफी साबित हो रही है। इलाके में एसडीआरएफ की टीम पहुंच गई है। बाढ़ चौकियों व राहत शिविर को सक्रिय कर दिया गया है। पीड़ितों के लिए तहसील प्रशासन की ओर से भोजन आदि की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के जवही दयाल गांव को भी खाली कराने का निर्देश दिया गया है। यहां के लोगों को ऊंचे स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी जा रही है। तहसील प्रशासन के अफसर गांव पहुंच लोगों से सुरक्षा के दृष्टिकोण से कहीं और शिफ्ट होने की बात कह रहे हैं।
0
नदी उस पार फंसे 20 किसान सुरक्षित लौटे
खड्डा रेताक्षेत्र के गांवों से नदी उस पार खेती करने गए महिला व पुरुष समेत 20 किसान फंस गए थे। बिना कुछ खाए-पीए ही किसान उस पार फंसे रहे। उनकी ओर से मदद की गुहार लगाई जाने लगी। जब इस बात की जानकारी अफसरों को हुई तो वह मौके पर पहुंच गए। नाव लगाकर सभी किसानों को सुरक्षित लाया गया। रेताक्षेत्र के नारायणपुर, शिवपुर, हरिहरपुर समेत अन्य गांवों के 20 किसान शनिवार की सुबह नदी उस पार खेती-किसानी करने गए थे। शनिवार की सुबह से जलस्तर में लगातार हुई वृद्धि के कारण वह सभी उस पार ही फंस गए। बिना कुछ खाये-पीए किसानों ने एक झोपड़ी में शरण ली और रविवार की सुबह होते ही वह बचाव की गुहार लगाने लगे। परिजनों की ओर से भी मदद की मांग की जाने लगी। तभी इसकी जानकारी डीएम उमेश मिश्रा समेत अन्य अफसरों को हुई। इसके बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम ऋषभ पुंडीर व तहसीलदार महेश कुमार ने नाव लगाकर सभी किसानों को नदी इस पार लाया गया।
-
डीएम, एसपी और विधायक ने बाढ़ प्रभावित गांवों का ट्रैक्टर से किया दौरा
खड्डा के रेता क्षेत्र में बाढ़ की सूचना मिलते ही डीएम उमेश मिश्र, एसपी धवल जायसवाल, विधायक विवेकानन्द पांडेय, एडीएम वैभव मिश्र रविवार की सुबह बाढ प्रभावित गांवों का ट्रैक्टर से दौरा किया। बाढ़ पीड़ित परिवारों से बातचीत कर डीएम ने उनका हाल जाना। शिवपुर, नारायणपुर, मरिचहवा और हरिहरपुर गांव में पहुंचे डीएम समेत अफसरों ने बाढ़ पीड़ितों के भोजन की व्यवस्था कराने का संबंधित को निर्देश दिया। गांव के लोगों ने बताया कि हर साल बाढ़ आने पर उन्हें तमाम तरह की दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। इस डीएम ने आश्वासन दिया कि सरकार की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उन्हें दिलाया जाएगा।
0
अमवा खास तटबंध पर स्पर को निगल गई गंडक
दुदही। गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि होने के बाद अमवाखास तटबंध के किमी जीरो से लेकर किमी सात तक नदी ने दबाव बना रखा है। तटबंध के किमी एक पर स्पर का चार मीटर हिस्सा गंडक निगल गई है। नदी किमी 1.5 पर स्पर के नोज को अपनी आगोश में लेने को आतुर दिख रही है। किमी एक पर बोल्डर डंपिंग कर व जियो पैक से मरम्मत कराई जा रही है। इसके अलावा किमी 8.6 लक्ष्मीपुर के समीप भी नदी का दबाव कायम है। एक्सईएन एमके सिंह ने बताया कि किमी एक पर मरम्मत कार्य चल रहा है। कहीं से बंधे पर भी फिलहाल दबाव नहीं है। स्थिति नियंत्रण में है।
बाढ़ चौकियां सक्रिय, एसडीआरएफ की टीम मौजूद
बाढ़ प्रभावित इलाकों में बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गईं हैं। खड्डा के रेताक्षेत्र में बाढ़ चौकियां सक्रिय करने के साथ ही एसडीआरएफ टीम को भी मौके पर बुला लिया गया है। एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि एहतियात के तौर पर पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया गया है। एसडीआरएफ टीम पीड़ितों की मदद के लिए मौके पर मौजूद है। किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस तैयार है।
0
कम्युनिटी किचन की होगी व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने पहुंचे डीएम उमेश मिश्रा ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए जानकारी दी कि नेपाल में अत्यधिक बारिश होने के कारण खड्डा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। सुरक्षा का ख्याल रखते हुए प्रभावित लोगों को ऊंचे स्थानों अथवा राहत शिविर में शरण दिलाई जा रही है। उनके भोजन की व्यवस्था की जा रही है। कम्युनिटी किचन से पीड़ितों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। दवा इत्यादि की व्यवस्था की गईं हैं। पशुओं के चारे व नाव की भी व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार है।